पूर्व क्रिकेटर इयान और ग्रेग चैपल सहित आस्ट्रेलिया की अनेक हस्तियों ने अडानी समूह से अपील करते हुए कहा है कि वह 21 अरब डालर की खनन परियोजना को छोड़ दें। हस्तियों ने इस संबंध में अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी को लिखे पत्र में प्रस्तावित परियोजना को लेकर लोगों के विरोध, खननकर्मियों के स्वास्थ्य का जोखिम, जलवायु परिवर्तन और ग्रेट बेरियर रीफ पर संभावित असर जैसे कारणों का हवाला देते हुए इस परियोजना पर काम नहीं करने की अपील की है। Also Read - Forbes richest billionaires list: फोर्ब्स ने जारी की अमीरों की सूची, पहले नंबर पर मुकेश अंबानी, तो दूसरे पर अडानी

कंपनी को लिखे पत्र में इयान चैपल ने लिखा है कि, ‘भारत और आस्ट्रेलिया के रिश्तों में क्रिकेट का भी योगदान है और यह परियोजना इस रिश्ते पर असर डाल सकती है।’ पत्र में अडानी को सलाह दी गई है कि वे इसके बजाय रेनेवेबल (नवीकरणीय/अक्षय) एनर्जी में निवेश करें। इसके अनुसार अगर यह खान आस्ट्रेलिया में भारत की छवि धूमिल या खराब करती है तो यह ‘बड़े शर्म की बात’ होगी। यह भी पढ़ें: मोदी सरकार के 2 साल अंबानी और अडानी के लिए फायदेमंद नही हुए साबित Also Read - IND vs ENG: भारत ने स्पिन के खिलाफ इंग्लैड की कमजोरी का फायदा उठाया: Ian Chappell

उद्योगपति ज्योफ कजिंस, रीफ टूरिजम परिचालक लिंडसे सिम्पसन, क्वींसलैंड के किसान ब्रूस करी और संरक्षणवादी इमोजेन जेथोवेन वाले आस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने अडानी कंपनी के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन विभाग को यह पत्र सौंपा। पत्र में कंपनी के चेयरमैन और संस्थापक गौतम अडाणी से क्वींसलैंड की कोयला खान परियोजना को छोड़ने और अक्षय उर्जा क्षेत्र में निवेश करने का आग्रह किया गया है। Also Read - पूर्व दिग्गज ने कहा- पहले टेस्ट मैच में पारी घोषित कर भारत को कड़ा संदेश देने से चूक गए जो रूट

हालांकि कंपनी ने इस अपील को खारिज करते हुए इसे ‘कन्फ्यूज’ लोगों के छोटे समूह द्वारा ‘उत्प्रेरित’ पहल करार दिया है। अडानी ग्रुप के प्रवक्ता ने इस पत्र को 76 ‘कन्फ्यूज’ लोगों के छोटे समूह द्वारा की गई पहल करार दिया है। कंपनी प्रवक्ता ने कहाक कि आस्ट्रेलिया में इस परियोजना को कड़े आकलनों और कठोर शर्तों के बाद मंजूर किया गया है।

वहीं अडानी ग्रुप के प्रवक्ता के अनुसार प्रस्तावित खान परियोजना को क्वींसलैंड के नागरिकों और चुने गए प्रतिनिधियों का पूरा समर्थन है। सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक आस्ट्रेलिया के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को अडानी समूह के अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें एक खुला पत्र सौंपा है। समूह ने कंपनी से कई पर्यावरण संबंधी समस्याओं के चलते कारमाइकल कोयला खान परियोजना को छोड़ने की मांग की गई है।