बीजिंगः पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अपनी तकनीकी रोक हटाने वाले चीन ने बुधवार को कहा कि संशोधित सामग्रियों का अध्ययन करने के बाद अजहर को काली सूची में डालने के प्रस्ताव के संबंध में कोई आपत्ति नहीं मिली. चीन ने कहा कि संशोधित सामग्रियों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं पाई गई. Also Read - United Nations On Coronavirus Death: कोरोना से हो रही मौतों पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, आया यह बयान

संयुक्त राष्ट्र ने अजहर को बुधवार को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया. भारत के लिए इसे एक बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है. सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत उसे ‘‘काली सूची’’ में डालने के एक प्रस्ताव पर चीन द्वारा अपनी रोक हटा लेने के बाद यह घटनाक्रम हुआ. Also Read - पीएम मोदी का दुनिया को भरोसा- भारत की टीका उत्पादन क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालेगी

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि संरा सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति में सूची प्रक्रियाओं के लिए विस्तृत मानदंड है. चीन का हमेशा से मानना रहा है कि संबंधित कार्य को निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से किया जाना चाहिए और यह सभी पक्षों के बीच ठोस साक्ष्य और सहमति पर आधारित होना चाहिए. Also Read - पीएम ने की UN में व्यापक सुधार की वकालत, कहा- विश्वसनीयता के संकट से जूझ रही ये संस्था

उन्होंने कहा, ‘‘काली सूची में डालने के मुद्दे पर, चीन रचनात्मक और जिम्मेदार तरीके से संबंधित पक्षों के साथ संवाद कर रहा है. हाल ही में, संबंधित देशों ने 1267 समिति को प्रस्ताव के लिए सामग्रियों को संशोधित किया और फिर से प्रस्तुत किया. संशोधित सामग्रियों के सावधानीपूर्वक अध्ययन और संबंधित पक्षों की राय को ध्यान में रखते हुए, चीन को इस प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं है.’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मैं यह कहना चाहूंगा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद से लड़ने में बहुत योगदान दिया है. चीन आतंकवाद और चरमपंथी ताकतों का मुकाबला करने के पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेगा.’’