संयुक्त राष्ट्रः आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को बड़ी जीत हासिल हुई है. पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया है. इस वैश्विक संस्था की आज हुई बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया. इस मामले में बार-बार वीटो का इस्तेमाल करने वाले चीन ने इस बार कोई अड़ंगा नहीं लगाया. चीन ने मंगलवार को कहा था कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अजहर को वैश्विक अतंकवादी घोषित करने का यह विवादित मुद्दा ‘अच्छी तरह सुलझ’ जाएगा.

परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध कमेटी की बैठक में ये फैसला लिया गया. इसमें अजहर के मुद्दे पर भी चर्चा होने की पहले ही संभावना थी. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से जैश प्रमुख अजहर पर प्रतिबंध लगाने के ताजा प्रस्ताव पर चीन ने मार्च में वीटो लगा दिया था. इससे पहले जैश ने फरवरी में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी. अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की यह पिछले 10 साल में चौथी कोशिश थी.

सबसे पहले 2009 में भारत ने प्रस्ताव रखा था. फिर 2016 में भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध परिषद के समक्ष दूसरी बार प्रस्ताव रखा. इन्हीं देशों के समर्थन के साथ भारत ने 2017 में तीसरी बार यह प्रस्ताव रखा. इन सभी मौकों पर चीन ने वीटो का इस्तेमाल कर ऐसा होने से रोक दिया था.

गौरतलब है कि चीन ने मंगलवार को कहा था कि जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित कराने के जटिल मुद्दे का उचित समाधान निकाला जाएगा, लेकिन उसने कोई समयसीमा नहीं बताई थी. कुछ दिन पहले यहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात के बाद चीन का यह रुख सामने आया है.