कौन हैं मयूषी भगत, जिन्हें ढूंढने पर FBI देगा 10000 डॉलर का ईनाम, जानें क्या है पूरा मामला

Mayushi Bhagat FBI Reward:अमेरिका की टॉप एजेंसी FBI, 6 साल से लापता एक भारतीय स्टूडेंट्स के गायब होने के रहस्य को सुलझाने में लगी है. आइए जानते हैं मयूषी भगत कौन है और उनके रहस्यमय ढंग से गायब होने के पीछे की कहानी..

Published date india.com Published: April 14, 2026 3:18 PM IST
कौन हैं मयूषी भगत, जिन्हें ढूंढने पर FBI देगा 10000 डॉलर का ईनाम, जानें क्या है पूरा मामला
मायूषी भगत का पता बताने पर FBI देगी 10,000 डॉलर (इमेज क्रेडिट- X)

Mayushi Bhagat FBI 10,000 dollar Reward: भारतीय मूल की महिला मायूषी भगत को ढूंढने के लिए फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन यानि FBI ने 10,000 डॉलर का ईनाम रखा है.  मायूषी भारत से अमेरिका स्टूडेंट्स वीजा  पर गई थीं. पढ़ाई के दौरान ही सा 2019 में मायूषी अचानक से लापता हो गई. लापता होने के ठीक चौथे दिन, उनके पेरेंट्स को मैसेज आता है कि वे ठीक हैं और जल्द ही घर लौट आएगी. लेकिन ना वह लौटी और ना ही बीते 7 साल में लोकल पुलिस उनका कोई सुराग ढूंढ पाई, जिसके बाद मायूषी भगत को ढूंढने का काम FBI को मिला. आइये जानते हैं इस बारे में विस्तार से…

कौन हैं मयूषी भगत?

1994 में भारत में जन्मी मयूषी 2016 में F-1 स्टूडेंट वीजा पर हायर स्टडीज के लिए अमेरिका गई थीं. अमेरिका में वह अपने माता-पिता के साथ न्यू जर्सी के जर्सी सिटी में रहती थीं. पढ़ाई के लिए उन्होंने न्यू हैम्पशायर विश्वविद्यालय के बाद न्यूयॉर्क इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NYIT) में अपना नामांकन कराया था.

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आखिरी बार कहां दिखी थीं मयूषी?

मयूषी भगत को आखिरी बार 29 अप्रैल, 2019 की शाम को जर्सी सिटी स्थित उनके अपार्टमेंट से निकलते हुए देखा गया था. जब वह घर नहीं लौटीं और पेरेंट्स का उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो 1 मई 2019 को पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. जांचकर्ताओं के अनुसार, उनके गायब होने की परिस्थितियां शुरुआत से ही बेहद संदिग्ध रही हैं.

रहस्यमय WhatsApp मैसेज का सच

लापता होने के बाद 1 मई की रात करीब 1 बजे उनके पिता विकास भगत को एक व्हाट्सएप मैसेज मिला, जिसमें लिखा था कि वह ठीक हैं और 3 मई तक लौट आएंगी. हालांकि, परिवार का मानना है कि वह मैसेज मयूषी ने नहीं लिखा था, क्योंकि उसकी भाषा और लिखने का तरीका मयूषी की शैली से मेल नहीं खाता था. उस मैसेज के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला है.

FBI ने क्यों रखा 10 हजार डॉलर का इनाम?

वहीं, मामले में किसी भी ठोस सुराग की कमी और फौजदारी (Foul Play) की आशंका को देखते हुए FBI ने इस केस को अपने हाथ में लिया. जांच को आगे बढ़ाते हुए FBI के नेवार्क फील्ड ऑफिस ने मयूषी का पता बताने या उनकी बरामदगी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 10,000 डॉलर, तकरीबन 8.3 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है ताकि जनता से मदद मिल सके.

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कहां तक पहुंची जांच?

मयूषी भगत अब 31 साल की हो चुकी होंगी, लेकिन 2019 से अब तक पुलिस और FBI को कोई भी ऐसा संदिग्ध नहीं मिला है जिसकी पहचान सार्वजनिक की जा सके. जर्सी सिटी पुलिस और न्यू जर्सी स्टेट पुलिस के साथ

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