विक्टोरिया: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सेशेल्स की दो दिवसीय यात्रा में देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता की और इस दौरान भारत ने हिंद महासागर के इस देश के साथ कोविड-19 के बाद के दौर में रणनीतिक संबंध और मजबूत करने का संकल्प लिया. संयुक्त अरब अमीरात से यहां पहुंचे जयशंकर मंगलवार को शुरू हुई तीन देशों की अपनी इस यात्रा के तहत बहरीन भी गए थे. Also Read - UNSC में विदेश मंत्री जयशंकर का पाकिस्तान पर हमला, कहा- 'मुंबई धमाके में शामिल आतंकियों को दी जा रही फाइव स्टार सुविधाएं'

जयशंकर ने सेशेल्स के भारतीय मूल के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति वैवेल रामकलावन से शुक्रवार को मुलाकात की और उन्हें चुनाव में हाल में मिली जीत की बधाई दी. एस जयशंकर और रामकलावन ने कानून के शासन तथा लोकतंत्र के मूल्यों में साझा विश्वास पर आधारित दोनों देशों के ऐतिहासिक रूप से मजबूत संबंधों पर चर्चा की. Also Read - कोरोना के देसी टीके की मांग बढ़ी, इस पड़ोसी देश ने किया औपचारिक अनुरोध

विदेश मंत्रालय की शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘उन्होंने कोविड-19 दौर के बाद भारत तथा सेशेल्स के बीच रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ाने के भारत के संकल्प को दोहराया’’. Also Read - हिंद-प्रशांत अवधारणा को अस्वीकार करना वैश्वीकरण को खारिज करने के समान है: एस जयशंकर

इसमें कहा गया कि मंत्री ने ‘‘भारत के ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं विकास) दृष्टिकोण में सेशेल्स के अहम होने की बात की, जो हिंद महासागर क्षेत्र की ओर भारत की नीति को दर्शाता है. जलक्षेत्र पार के पड़ोसी होने के नाते सेशेल्स ‘पड़ोसी को प्राथमिकता देने’ की भारत की नीति का भी हिस्सा है.’’

जयशकंर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक निजी संदेश भी रामकलावन तक पहुंचाया. भारत ने सेशेल्स के राष्ट्रपति को 2021 में भारत आने का न्योता दिया है. उन्होंने रामकलावन के साथ बैठक के बाद ट्वीट किया, ‘‘हमने हमारे निकट सुरक्षा सहयोग, विकास को लेकर मजबूत साझेदारी और लोगों के बीच पुराने संबंधों पर चर्चा की.’’

विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने उन्हें पड़ोसी को प्राथमिकता देने की नीति और ‘सागर’ को लेकर दृष्टिकोण, दोनों के तहत सेशेल्स के विशेष रूप से प्राथमिक होने का भरोसा दिलाया.’’

बयान में कहा गया कि मंत्री ने जनवरी 2018 में रामकलावन की भारत की यात्रा की बात की और भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में दोनों देशों के बीच निकट संबंध और भी मजबूत होंगे.

रामकलावन ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान चिकित्सकीय आपूर्ति के रूप में भारत द्वारा मुहैया कराई गई सहायता की सराहना की और दोनों देशों के बीच विकास एवं सुरक्षा साझेदारी की महत्ता पर बात की. उन्होंने इसके सेशेल्स में राष्ट्रनिर्माण पर सकारात्मक असर को लेकर भी चर्चा की.

जयशंकर ने सेशेल्स के हितों और महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने तथा इस सहयोग को और ऊंचे स्तर पर ले जाने की भारत की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया.

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण सामने आई चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग एवं समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया गया.

उन्होंने हिंद महासागर के पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध एवं अनियमित तरीके से मछलियां पकड़ने, समुद्री डकैती और जलवायु परिवर्तन से निपटने के साझे प्रयासों को मजबूत करने पर जोर दिया.

बयान में कहा गया कि जयशंकर ने सेशेल्स के पर्यटन एवं विदेश मामलों के मंत्री सिल्वेस्टर रेडेगोंडे से भी मुलाकात की और विकास के लिए साझेदारी, क्षमता निर्माण, रक्षा सहयोग, लोगों के बीच आपसी संपर्क, सांस्कृतिक संबंध, व्यापार, पर्यटन एवं वाणिज्य और स्वास्थ्य समेत द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की.

जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब भारत हिंद महासागर में सामरिक रूप से अहम क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए देश में बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है. हिंद महासागर में चीन अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.

इस साल 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने वाले भारतीय मूल के राष्ट्रपति रामकलावन के पिता बिहार के मूल निवासी थे.