संयुक्त राष्ट्रः दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत संयुक्त राष्ट्र में कामकाज का माहौल बेहद खराब है. यह हम नहीं, बल्कि यहां काम करने वाली महिला कर्मियों के बारे में किए एक सर्वे के नतीजे से पता चला है. इस सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक यहां काम करने वाली एक तिहाई महिलाएं कार्यस्थल पर किसी न किसी रूप में सेक्सुअल हैरासमेंट की शिकार हुई हैं. इस सर्वे के नतीजे से इस विश्व निकाय के अंदर कामकाज के माहौल पर सवाल उठने लगे हैं. इस तरह के दुर्व्यवहार किए गए इस पहले सर्वे के नतीजे मंगलवार को जारी किए गए.

इस सर्वे नतीजे के बाद संयुक्त राष्ट्र में खलबली मच गई है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में कहा है कि अध्ययन में व्यथित करने वाले कुछ आंकड़े और तथ्य हैं जिन्हें बदलने की जरुरत है ताकि संयुक्त राष्ट्र में कार्यस्थल में सुधार किया जा सके.

सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले दो वर्षों में करीब 33 प्रतिशत कर्मचारियों ने कम से कम एक बार यौन शोषण किए जाने की जानकारी दी. बहरहाल, विश्व निकाय में अपनी कार्य अवधि के दौरान किसी न किसी तरह के यौन उत्पीउ़न के शिकार हुए लोगों की संख्या 38.7 फीसदी है. यौन शोषण की सबसे आम घटनाओं में यौन कहानियां या चुटकुले हैं जिनमें कपड़ों, शरीर या यौन गतिविधियों को लेकर अश्लील टिप्पणियां की जाती हैं.

इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि यौन उत्पीड़न करने वाले हर तीन व्यक्तियों में दो पुरुष और हर चार में से एक निरीक्षक या प्रबंधक है. सर्वेक्षण के अनुसार, यौन शोषण करने वालों में करीब 10 में से एक व्यक्ति वरिष्ठ नेता था. गुतारेस ने कहा कि सर्वेक्षण के नतीजों से पता चलता है कि विश्व निकाय में यौन शोषण के मामले अन्य संगठनों के मुकाबले कम हैं लेकिन समानता, गरिमा और मानवाधिकारों में चैम्पियन संयुक्त राष्ट्र को उच्च मानक तय करने चाहिए.