वाशिंगटन: मेक्सिको वाल को लेकर डेमोक्रेट्स व रिपब्लिकन में ठन गई है जिसे लेकर संसदीय काम-काज ठप हो गया है. इस गतिरोध के चलते अमेरिकी सरकार का कामकाज अगले सप्ताह भी ठप रहने की आशंका है. सांसद अमेरिका-मेक्सिको सीमा दीवार के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग को लेकर पैदा हुए गतिरोध को बृहस्पतिवार को भी हल करने में विफल रहे जिसके बाद यह संकट और गहरा गया है.

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खतरे में सुरक्षा !
क्रिसमस की आधिकारिक छुट्टी के बाद कुछ मिनट के लिए बुलाई गई सीनेट की बैठक में अगले बुधवार को बजट पर चर्चा करने का फैसला किया गया. यह रिपब्लिकन के नियंत्रण वाली कांग्रेस का आखिरी दिन होगा. इसके साथ ही सरकार का कामकाज 12 दिन तक ठप रहना तय लग रहा है. डेमोक्रैट्स ने ट्रंप की सीमा पर दीवार बनाने की परियोजना के लिए पांच अरब डॉलर देने से इंकार कर दिया है और राष्ट्रपति इस बात जोर दे रहे हैं कि जब तक उन्हें धन नहीं मिलेगा तब तक वह सरकार को बजट नहीं देंगे.

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने डेमोक्रैट्स पर अमेरिकी नागरिकों के बजाय अवैध शरणार्थियों की रक्षा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ट्रंप उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे जिसमें हमारी देश की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी. इस संकट के चलते करीब 8 लाख संघीय कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है. ट्रंप ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर एक बार फिर डेमोक्रैट्स पर आरोप लगाया कि वे अवैध शरणार्थियों, खुली दक्षिणी सीमा और वहां से होने वाले अपराध को बढ़ावा देना चाहते हैं.

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘मादक पदार्थ, मानव तस्करी, हमारे देश में आ रहे गिरोह के सदस्यों और आपराधियों को रोकने की जरुरत है.‘‘ वह दीवार बनाने में डेमोक्रैट सांसदों द्वारा बाधा डालने पर भी उन पर जमकर बरसे. उनकी रिपब्लिकन पार्टी समेत विरोधियों ने राष्ट्रपति पर राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए अवैध शरणार्थियों से खतरे को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया. एक वरिष्ठ डेमोक्रैट सीनेटर ने ट्वीट कर कहा, ‘‘उन्होंने दीवार बनाने के लिए पांच अरब डॉलर की बेहूदी मांग को लेकर हमारी सरकार को बंधक बना लिया है. यह दीवार बेकार और अप्रभावी साबित होगी.’’ गौरतलब है कि अमेरिका में बजट को लेकर मोलभाव में सरकार का कामकाज आंशिक रूप से ठप करना कोई असामान्य हथियार नहीं है.

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