इस देश की सरकार ने पिज्जा, बर्गर समेत बैन किए कई जंक फूड! जानें क्या है वजह

सरकार का कहना है कि देश में तेजी से बढ़ते मोटापे और डायबिटीज की समस्या को कम करने के लिए यह कदम जरूरी था. साथ ही सरकार ने बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाने की अपील की.

Published date india.com Published: March 30, 2025 8:03 PM IST
इस देश की सरकार ने पिज्जा, बर्गर समेत बैन किए कई जंक फूड! जानें क्या है वजह

स्कूलों में बच्चों को जंक फूड खाने से रोकने के लिए मैक्सिको सरकार ने सख्त कदम उठाया है. सरकार की तरफ से स्कूलों में अब मीठे जूस, पैकेट वाले चिप्स, कृत्रिम सूअर के छिलके और मसालेदार सोया-युक्त मूंगफली जैसे प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. जानकारी के अनुसार, यह नियम एक दिन पहले यानि 29 मार्च से लागू हुआ.

मैक्सिको सरकार का कहना है कि यह कदम देश में तेजी से बढ़ते मोटापे और डायबिटीज की समस्या को कम करने के लिए जरूरी था. शिक्षा मंत्रालय ने इस नियम को लागू करने की घोषणा करते हुए एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ‘अलविदा, जंक फूड! माता-पिता से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को घर पर ताजा और पौष्टिक खाना देने की आदत डालें.’

ये फैसला सुनाकर क्या करना चाहती सरकार?

दरअसल, मैक्सिकन सरकार ने स्कूलों में हेल्दी ईटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक योजना बनाई है. इसके तहत, स्कूलों को अब उन सभी खाद्य पदार्थों को धीरे-धीरे हटाना होगा जिनमें ज्यादा नमक, चीनी, कैलोरी या वसा होती है. खासतौर पर वे चीजें जिन पर काले चेतावनी लेबल लगे होते हैं, उन्हें पूरी तरह से बैन कर दिया गया है.

बता दें कि मैक्सिको ने पहले भी 2020 में ये लेबलिंग सिस्टम लागू किया था, ताकि लोग अनहेल्दी खाने के खतरों को समझ सकें. नए नियमों के तहत, स्कूलों में बच्चों के लिए अब बीन टैकोस (राजमा से भरी टॉर्टिला) जैसे सेहतमंद विकल्प रखे जाएंगे और उनके लिए साफ और सादा पानी भी उपलब्ध कराया जाएगा.

माता-पिता से पूरा समर्थन मिलने की उम्मीद

मैक्सिको की सार्वजनिक स्वास्थ्य सचिव, मारियो डेलगाडो ने कहा, कि नए स्कूल सिस्टम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करना है. उन्होंने यह भी बताया कि इस नीति को लागू करने में माता-पिता का पूरा समर्थन मिल रहा है. साथ ही माता-पिता से बच्चों को स्वस्थ भोजन खिलाने की अपील की.

यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, लैटिन अमेरिका में मैक्सिकन बच्चे सबसे ज्यादा जंक फूड खाते हैं, जिससे उनमें मोटापा और अन्य बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. इस समस्या को कम करने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है.

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फैसले पर क्या बोलीं देश की राष्ट्रपति?

इस फैसले पर मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा, आलू के चिप्स से बेहतर है कि बच्चे बीन टैको खाएं. उनका कहना है कि इस नियम का उद्देश्य सिर्फ जंक फूड पर प्रतिबंध लगाना नहीं है, बल्कि बच्चों को पोषण से भरपूर भोजन की आदत डालना भी है.

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