MH370 की तलाश 11 साल बाद फिर से होगी, 2014 में गायब रडार से गायब हुई थी फ्लाइट, 239 लोग थे सवार

यह सर्च MH370 के रहस्य को सुलझाने की आखिरी कोशिश हो सकती है. अगर सफल रही  परिवारों को न्याय मिलेगा, विमानन सुरक्षा पर भी नई बहस छिड़ेगी. यह घोषणा 11 साल के इंतजार के बाद एक नई किरण की तरह है.

Published date india.com Published: December 9, 2025 9:40 AM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH370 का रहस्य आज भी हल नहीं हुआ है, 3 दिसंबर 2025 को मलेशिया सरकार ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की- इस गायब विमान की तलाश 30 दिसंबर 2025 से फिर से शुरू होगी. यह खोज ऑस्ट्रेलियाई कंपनी ओशन इन्फिनिटी (Ocean Infinity) द्वारा की जाएगी, जो डीप-सी रोबोटिक्स विशेषज्ञ है. यह पहली बार नहीं है जब यह कंपनी MH370 की तलाश कर रही है, लेकिन नई तकनीक और संकुचित सर्च एरिया के साथ उम्मीदें बढ़ गई हैं.

8 मार्च 2014 को क्वालालंपुर से बीजिंग जा रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH370 रडार से गायब हो गई. विमान में 239 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें ज्यादातर चीनी नागरिक थे. टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद यह दक्षिण की ओर मुड़ गया और सैटेलाइट डेटा से पता चला कि यह दक्षिणी हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

यह विमानन इतिहास की सबसे बड़ी रहस्यमयी घटनाओं में से एक है. कई थ्योरीज़ हैं पायलट की आत्महत्या से लेकर अपहरण तक. लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला. परिवारों के लिए यह दर्दनाक इंतजार का विषय बना हुआ है.

पिछली तलाशों में क्या हुआ था?

2014-2017: ऑस्ट्रेलिया की अगुवाई में बहुराष्ट्रीय सर्च ऑपरेशन चला, जिसमें 1,20,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की जांच की गई. कुछ मलबे के टुकड़े पूर्वी अफ्रीका और हिंद महासागर के द्वीपों पर मिले, लेकिन मुख्य विमान नहीं.
2018: ओशन इन्फिनिटी ने पहली बार “नो फाइंड, नो फी” (No Find, No Fee) के तहत 3 महीने की सर्च की, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ.
2025: अप्रैल में सर्च फिर शुरू हुई, लेकिन खराब मौसम के कारण सस्पेंड हो गई. अब इसे फिर से लॉन्च किया जा रहा है.

नई सर्च

30 दिसंबर 2025 से इंटरमिटेंट (अंतराल पर) सर्च शुरू होगी, जो कुल 55 दिनों तक चलेगी. यह मौसम और अन्य कारकों पर निर्भर करेगा. दक्षिणी हिंद महासागर में 15,000 वर्ग किलोमीटर का लक्षित क्षेत्र, जो पहले की सर्च से संकुचित किया गया है. विशेषज्ञों ने डेटा एनालिसिस से सबसे संभावित जगह चिन्हित की है.

ओशन इन्फिनिटी ऑटोनॉमस डीप-सी रोबोट्स और एडवांस्ड सबसीड मैपिंग टूल्स का इस्तेमाल करेगी. 2018 के मुकाबले उनकी तकनीक में काफी सुधार हुआ है, जो गहराई में बेहतर जांच की अनुमति देगा.

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मार्च 2025 में साइन की गई डील “नो फाइंड, नो फी” पर आधारित है. अगर विमान का मलबा मिला, तो मलेशिया सरकार कंपनी को 70 मिलियन डॉलर (लगभग 590 करोड़ रुपये) का भुगतान करेगी. अगर कुछ नहीं मिला, तो कोई खर्च नहीं.

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