बस सोच लेने से हो जाएंगे कई काम...चीन ने विकसित किया माइंड कंट्रोल रोबोटिक टेक

Mind Control Robot: चीन की यह तकनीक काफी कारगर हो सकती है.

Published date india.com Updated: December 19, 2025 5:38 PM IST
बस सोच लेने से हो जाएंगे कई काम...चीन ने विकसित किया माइंड कंट्रोल रोबोटिक टेक
photo credit AI, for representation only)

Mind Control Robot: एलन मस्क कई साल से टेक टेलीपैथी यानी न्यूरालिंक के ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस को विकसित करने की तकनीक पर काम कर रहे हैं. पर अब चीन ने भी ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) टेक्नोलॉजी की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है.

क्या होगा इस तकनीक का इस्तेमाल

साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के साइंटिस्ट्स ने एक पैरालाइज़्ड आदमी को स्मार्ट व्हीलचेयर, रोबोटिक डॉग्स को कंट्रोल करने के काबिल बनाया है. और यह सब दिमाग की ताकत यानी बस सोच लेने से संभव होगा.

पहली बार हुआ यह चमत्कार

इस हफ्ते सेंटर फोर एक्सीलेंस इन ब्रेन साइंस एंड इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी (CEBSIT) ने यह अनाउंस किया है कि पहली बार है किसी हाई-लेवल स्पाइनल कॉर्ड इंजरी वाले व्यक्ति ने पूरी तरह से इम्प्लांटेड, वायरलेस BCI सिस्टम का इस्तेमाल करके कई असिस्टिव रोबोट्स पर स्टेबल, रियल-वर्ल्ड कंट्रोल हासिल किया है.

मरीज को मिल जाएगी सुपर पॉवर

मरीज को फिर से ज़बरदस्त ताकत मिल गई है वह टेकअवे ऑर्डर कर सकता है और रोबोट डॉग के साथ उसे घर ला सकता है. आस-पड़ोस में घूम सकता है, भले ही वह गर्दन के नीचे बिल्कुल भी हिल नहीं सकता था.

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कौन है ये मरीज

मरीज, जिसे “मिस्टर झांग” कहा गया है, को 2022 में गिरने से स्पाइनल कॉर्ड इंजरी हुई थी, जिसके कारण हाई-लेवल पैराप्लेजिया हो गया था. एक साल से ज्यादा के ट्रेडिशनल रिहैबिलिटेशन के बाद, जिसमें बहुत कम सुधार हुआ, उसकी अपनी मर्जी से हरकत सिर्फ उसके सिर और गर्दन तक ही सीमित थी. 20 जून को, शंघाई में फुडान यूनिवर्सिटी से जुड़े हुआशान हॉस्पिटल में WRS01 इम्प्लांट करने के लिए उनकी सर्जरी हुई.

न्यूरालिंक कहां तक पहुंचा है

यह कामयाबी एलन मस्क के “टेलीपैथी” प्रोजेक्ट के पीछे के विज़न को पूरा करती है, जो एक ट्रेडमार्क कॉन्सेप्ट है जिसका मकसद लोगों को अपने दिमाग से डिवाइस कंट्रोल करने देना है. जबकि न्यूरालिंक के क्लिनिकल ट्रायल्स अभी शुरुआती स्टेज में हैं, जैसे कि मरीज़ों को वीडियो गेम खेलने और पानी पीने में काबिल बनाना, चीन पहले ही रियल-वर्ल्ड इम्प्लीमेंटेशन में आगे बढ़ चुका है.

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