वाशिंगटन : मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के एक शीर्ष प्रोफेसर डॉ. श्रीप्रकाश कोठारी इस वर्ष सितंबर में शिकागो में आयोजित होने वाली दूसरी विश्व हिन्दू कांग्रेस की अध्यक्षता करेंगे. कोठारी गॉर्डोन वाई बिलार्ड के प्रोफेसर हैं और एमआईटी के स्लोआन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में इकोनॉमिक, फायनेंस और अकाउंटिंग विभाग के प्रमुख हैं. इस सम्मेलन में 80 से अधिक देशों के 2 हजार से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है. इस कार्यक्रम को तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा, हॉलीवुड एक्टर रिचर्ड गेरे और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित पूरी दुनिया से करीब 250 प्रख्यात वक्ता संबोधित करेंगे.

करीब दो दशक से इस मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी संस्थान से जुड़े कोठारी ने हाल ही में स्लोआन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में डिप्टी डीन के रूप में 6 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया है. हर चार साल में एक बार होने वाले सम्मेलन के दूसरे संस्करण में 80 से अधिक देशों के 2 हजार से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम को तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा, हॉलीवुड एक्टर रिचर्ड गेरे और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत दुनिया भर से आने वाले लगभग 250 प्रख्यात प्रख्यात वक्ताओं द्वारा संबोधित किए जाने की संभावना है. डब्ल्यूएचसी के संयोजक डॉक्टर अभय अस्थाना ने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता महसूस हो रही है कि बेहद प्रतिष्ठित और विश्वविख्यात डॉ श्रीप्रकाश कोठारी विश्व हिन्दू कांग्रेस 2018 की अध्यक्षता करेंगे.

कोठारी गॉर्डोन वाई बिलार्ड प्रोफेसर हैं और एमआईटी के स्लोआन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में इकोनॉमिक, फायनेंस और अकाउंटिंग विभाग के प्रमुख हैं. करीब दो दशक से इस प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़े कोठारी ने हाल ही में स्लोआन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में डिप्टी डीन के रूप में छह साल का कार्यकाल पूरा किया है. वह कुआलालंपुर स्थित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ऑफ द एशिया स्कूल ऑफ बिजनेस के को-चेयरमैन हैं,  साथ ही एमआईटी इंडिया प्रोग्राम के संकाय निदेशक हैं और विश्व प्रसिद्ध अकादमिक प्रकाशन जर्नल ऑफ अकाउंटिंग ऐंड इकोनॉमिक्स के संपादक भी हैं.

एक बयान में कोठारी ने उम्मीद जताई कि विश्व हिन्दू कांग्रेस (डब्ल्यूएचसी) आध्यात्मिकता, सद्भाव और समावेश के संदेश के जरिए जीवन के प्रति हिन्दू दृष्टिकोण के बारे में पूरी दुनिया में अधिक जागरूकता लाएगी और इस बारे में ज्ञान फैलाएगी. उन्होंने डब्ल्यूएचसी के आयोजक दल को एक संदेश में कहा कि, हिंदू परंपरा विविधता को समायोजित करती है और विचारों का स्वागत करती है. मैं इसे बेहतर समाज की दिशा में आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर मानता हूं.
( इनपुट एजेंसी )