नई दिल्ली: पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बिना किसी रुकावट के बातचीत की जरूरत है. हम पड़ोसी हैं और दोनों देशों के सामने लंबे समय से कुछ मुद्दे हैं जिनका हल खोजना है. दोनों ही देश अपनी समस्या से परिचित हैं. बातचीत के अलावा भारत-पाकिस्तान के पास कोई और विकल्प नहीं है. हम किसी तरह का खतरा मोल नहीं ले सकते. दोनों देश परमाणु से लैस हैं.

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उन्होंने कहा कि मेरी राय में बातचीत के अलावा कोई हल नहीं है. सबसे मुनासिब रास्ता बातचीत ही है. हम रूठ के एक दूसरे से मुंह नहीं मोड़ सकते. हम चाहें या न चाहें कश्मीर एक मसला है. उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान आए थे और पाकिस्तान की हकीकत को जाना और कहा कि कश्मीर दोनों देशों के बीच मसला है. इसलिए दोनों देशों को बातचीत की जरूरत है.

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क्या कहा था पाकिस्तान के पीएम ने
इससे पहले पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में पड़ोसी देशों से रिश्ते सुधारने की बात कही. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपने सभी पड़ोसियों के साथ बेहतरीन संबंध रखने की दिशा में काम करना होगा क्योंकि इसके बिना देश में शांति लाना संभव नहीं होगा. पाकिस्तान की विदेश नीति के संबंध में खान ने कहा कि पाकिस्तान को अपने सभी पड़ोसियों के साथ बेहतरीन रिश्ते बनाने के लिए काम करना होगा. उन्होंने कहा, मैंने सभी पड़ोसी देशों से बात की है और इंशा अल्लाह हम सभी के साथ अपने संबंध सुधार लेंगे. पड़ोसियों के साथ शांति बनाए बिना हम देश में शांति नहीं ला सकते.

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इससे पहले 25 जुलाई को हुए आम चुनावों में अपनी पार्टी की जीत के बाद खान ने कहा था कि पाकिस्तान पड़ोसी भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारने के लिए तैयार है और उनकी सरकार चाहती है कि दोनों पक्षों के नेता बातचीत के जरिए कश्मीर के मुख्य मुद्दे समेत सभी विवादों को सुलझाएं. उन्होंने कहा था, अगर वह हमारी तरफ एक कदम उठाते हैं, तो हम दो कदम उठाएंगे लेकिन हमें कम से कम एक शुरुआत की जरूरत है.