काबुल: अफगानिस्तान में संसदीय चुनाव में हुई हिंसा में शनिवार को 130 से अधिक लोग हताहत हुए है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. कई मतदान केंद्रों पर हिंसा हुई, जिसके कारण इन केन्द्रों को नहीं खोला जा सका और मतदाता घंटों पंक्तियों में खड़े रहे. तालिबान ने ‘अपने जीवन की रक्षा के लिए’ मतदाताओं को चुनावों का बहिष्कार किए जाने की चेतावनी दी थी. पिछले दिनों हमले के बाद कंधार में मतदान में एक सप्ताह तक का विलंब हुआ. तालिबान ने दावा किया कि शनिवार को मतदान वाले स्थानों, जांच चौकियों और सैन्य स्थलों पर 318 हमले किए गए. Also Read - पाकिस्तान महत्वपूर्ण पनाहगाह, सत्ता में आए तो भाई जैसा बर्ताव रखेंगे: तालिबान

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता मोहिबुल्लाह जीर ने एएफपी को बताया कि ज्यादातर लोग काबुल में हताहत हुए है, जहां कई विस्फोटों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 78 लोग घायल हो गए. Also Read - 26 Afghan soldiers killed in Taliban attack on Kandahar base | कंधार सैन्य बेस पर हमले में 26 अफगान सैनिकों की मौत, तालिबान ने जिम्मेदारी ली

शुरुआती परिणाम 10 नवंबर को जारी किए जाएंगे, लेकिन इस तरह की चिंताएं है कि यदि बायोमीट्रिक सत्यापन उपकरण टूटे हुए या नष्ट पाए जाते है तो समस्या हो सकती है. Also Read - Afghan IPL debutant Rashid Khan wants to pick Yuvraj s brains | युवराज से गुर सीखना चाहते हैं अफगानिस्तान के आईपीएल खिलाड़ी राशिद खान

चुनाव आयोजकों का कहना है कि मतदाता पंजीकरण सूचियों और बॉयोमीट्रिक सत्यापन उपकरणों में गड़बड़ी के कारण विलंब होने से 360 मतदान केन्द्रों पर रविवार तक मतदान की अवधि बढाई जायेगी.

अस्पताल के निदेशक मार्जिया याफतली ने एएफपी को बताया कि हिंसा से मतदान बाधित हुआ. उत्तरी कुंदुज शहर में तीन लोगों की मौत हुई और 39 अन्य घायल हो गए.

प्रांतीय आईईसी निदेशक मोहम्मद रसूल उमर ने बताया कि कुंदुज शहर से कई किलोमीटर दूर एक मतदान केन्द्र पर तालिबान हमले में स्वतंत्र निर्वाचन आयोग (आईईसी) के कर्मचारी की मौत हो गई और सात अन्य लापता हो गए. कई मतपत्र बक्सों को भी नष्ट कर दिया गया.

प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता ने बताया कि पूर्वी प्रांत नांगरहार में आठ विस्फोट हुए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए.

हिंसा के खतरे के बावजूद प्रमुख शहरों में मतदान केंद्र पर बड़ी संख्या में मतदाता दिखाई दिए, जहां उन्होंने कई घंटों तक मतदान केन्द्र खुलने का इंतजार किया. लंबे समय बाद हो रहे संसदीय चुनाव के लिए लगभग 90 लाख मतदाता पंजीकृत थे.

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मतदान की शुरुआत में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. उन्होंने हर अफगानी,युवाओं और वृद्धों, महिलाओं और पुरुषों से मतदान करने का आग्रह किया.