लंदनः दुनिया के एक सबसे विकसित देश इंग्लैंड के एक अस्पताल गोसपोर्ट वार मेमोरियल हॉस्पिटल में गलत तरीके से पेनकिलर दिए जाने की वजह से 450 से अधिक लोगों की अपनी जान गंवानी पड़ी है. यह घटना 1989 से 2000 के बीच की है. मामले की जांच करने वाले एक स्वतंत्र पैनल ने कहा कि इस वजह से कम से कम 200 और मरीजों की मौत हुई होगी लेकिन अस्पताल के पास उनकी कोई रिपोर्ट नहीं है. Also Read - दर्द होते ही बच्‍चे को देते हैं ये पेनकिलर! जानें कुछ सालों बाद उसके साथ क्‍या होगा...

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि 1989 से 2000 के बीच इस अस्पताल में लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया गया. बीबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल की क्लिनिकल एसिस्टेंट डॉक्टर जेन बार्टन की निगरानी में ये सब हुआ. क्लिनिकली रूप से उचित नहीं होने के बावजूद खतरनाक मात्रा में मरीजों को पेनकिलर दिया गया. अस्पताल की इस लापरवाही के बाद इंग्लैंड में हड़कंप मचा हुआ है. मारे गए मरीजों के परिजन प्रदर्शन कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए परिजनों से माफी मांगी हैं. Also Read - बच्चे को देते हैं पेरासिटामोल सिरप, तो जान लीजिए कौन सी बीमारी लग जाएगी उसे...

हेल्थ सेक्रेटरी ने कहा है कि पुलिस इस मामले की जांच करेगी और वहीं यह तय करेगी कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमें चलाए जाएं या नहीं. गोसपोर्ट इंडिपेंडेंट पैनल का नेतृत्व करने वाले लिवरपुल के पूर्व बिशप जेम्स जोन्स ने कहा कि उनलोगों ने जो दस्तावेज देखे हैं उसके अनुसार इन 12 सालों के दौरान डॉक्टर बार्टन एक क्लिनिकल एसिस्टेंट थीं और वह ही खरतनाक स्तर के पेनकिलर देने की सलाह देती थीं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हॉस्पिटल के कंसल्टेंड डॉक्टर सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेवार नहीं थे लेकिन उनको पता था कि मरीजों को पेलकिलर दिए जा रहे हैं. परिजनों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अब उनको उम्मीद है कि उनके सवालों के जवाब मिलेंगे. Also Read - जानें, प्रेग्नेंसी में क्यों नहीं खानी चाहिए Painkiller