संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि स्मार्टफोन में संगीत सुनने और लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने के कारण एक अरब से ज्यादा लोगों को कम सुनाई देने का खतरा है. संयुक्त राष्ट्र ने इस समस्या से निपटने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. तेज ध्वनि अथवा इससे जुड़ी अवस्थाओं जैसे टिनिटस से सुनाई देने की क्षमता को नुकसान से बचने के लिए दिए गए सुझावों में व्यक्तिगत ऑडियो यंत्र के बेहतर काम करने पर ध्यान केंद्रति करने को कहा गया है. Also Read - पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में बने रहने लायक नहीं: संयुक्त राष्ट्र वॉचडॉग

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तकनीक अधिकारी शैली चड्ढा कहती हैं, ”एक अरब से अधिक लोगों को कम सुनाई देने का खतरा है और वह भी केवल उस चीज से जिसे वह सर्वाधिक पसंद करते हैं मसलन लगातार हेडफोन से संगीत सुनना.” शैली बधिर होने और कम सुनाई देने जैसी समस्याओं को रोकने की दिशा में डब्ल्यूएचओ के लिए काम कर रहीं हैं.

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शैली चड्ढा कहती हैं, ”इस वक्त हमारे पास यह कहने के लिए कुछ भी ठोस नहीं है कि हम जो भी कर रहे हैं वह सही है या गलत या जो हम कर रहे है, वह हमें आने वाले वर्षों में सुनने में दिक्कत पैदा करेगा. यह केवल हमारी समझ पर निर्भर है.”

शैली ने कहा, हमने सुझाव दिया है कि स्मार्टफोन में एक स्पीडोमीटर लगा होना चाहिए, जिसमें एक मापन तंत्र होगा जो यह बताएगा कि आप कितनी तेज आवाज सुन रहे हैं. इसके अलावा अगर आप सीमा से अधिक तेज आवाज सुनेंगे तो यह आपको आगाह भी करेगा.