लंदन/कराची: पाकिस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन को मंगलवार को लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया. एमक्यूएम के निर्वासित नेता हुसैन को उनके राष्ट्र विरोधी भाषणों, खासकर 2016 के एक भाषण को लेकर स्कॉटलैंड यार्ड ने गिरफ्तार किया. हुसैन ने उस भाषण में कहा था कि पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र और पूरी दुनिया के लिए एक कैंसर है. बता दें कि यूके पुलिस के बयान में हुसैन का नाम नहीं लिया गया है और इसके बदले पाकिस्तान में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट से जुड़े एक व्यक्ति का जिक्र किया गया है.

एमक्यूएम का करीब तीन दशक तक कराची में राजनीति में दबदबा रहा है और उसे उर्दू भाषी मुहाजिरों का खासा समर्थन प्राप्त है. मुहाजिर उन मुस्लिमों के वंशज हैं, जो 1947 में पाकिस्तान बनने के बाद भारत से आए थे.

हुसैन (65) ने 1990 के दशक में शरण दिए जाने का अनुरोध किया था और बाद में उन्हें ब्रिटेन की नागरिकता प्रदान की गई थी. हुसैन की अब भी पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची और पार्टी पर पकड़ बरकरार है. उनकी गिरफ्तारी के बाद कराची के पुलिस प्रमुख अमीर अहमद शेख ने नगर में दंगा-रोधी दस्तों के साथ गश्त और सतर्कता बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किए.

हुसैन को मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया और उन्हें दक्षिण लंदन के एक पुलिस स्टेशन ले जाया गया. जियो न्यूज की खबर के अनुसार पंद्रह अधिकारियों ने उत्तरी लंदन स्थित उनके घर पर सुबह छापा मारा.

इसमें कहा गया है कि अल्ताफ हुसैन को 2016 के घृणा फैलाने वाले भाषण के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया. भाषण में उन्होंने अपने समर्थकों से कानून अपने हाथों में लेने का आह्वान किया था.

हुसैन ने 22 अगस्त 2016 को एक भड़काऊ भाषण दिया था, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने कराची में एक मीडिया कार्यालय में तोड़फोड़ की थी और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए थे. उनके प्रवक्ता कासिम रज़ा ने बीबीसी उर्दू सेवा से उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की.