नई दिल्ली| मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन जमात-उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद आतंकवाद फैला रहा है, ये बात आखिरकर पाकिस्तान ने भी मान ली है. पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि हाफिज जईद ‘जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैला रहा है’। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने सईद और उसके चार सहायोगियों को नजरबंद किया गया है.

शनिवार को हुई न्यायिक समीक्षा बोर्ड की सुनवाई में सईद ने बताया कि कश्मीरियों के हक में बोलने से रोकने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने उसे नजरबंद किया, लेकिन मंत्रालय ने उसके दावे को खारिज कर दिया और कहा कि उसे ‘जिहाद के नाम पर आतंकवाद फैलाने के लिए नजरबंद किया गया है.

तीन सदस्यों वाले इस बोर्ड में सुप्रीम कोर्ट के जज एजाज अफजल खान, लाहौर हाई कोर्ट की जज आयशा ए मलिक और बलूचिस्तान हाई कोर्ट के जज जमाल खान शामिल हैं जिन्हें 15 मई को होने वाली अगली सुनवाई तक सईद और उसके चार साथी जफर इकबार, अब्दुल रहमान आबिद, अब्दुल्लाह उबैद और काजी कशीफ नियाज को हिरासत में लेने संबंधी सभी रिकॉर्ड पेश करने हैं. बोर्ड ने अगली सुनवाई में पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल को भी पेश होने को कहा है.

शनिवार को सुनवाई के दौरान पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच सईद और बाकि 3 सहयोगियों को बोर्ड के सामने पेश किया गया. इस बीच सईद के समर्थक भारी संख्या में कोर्ट के बाहर मौजूद थे.  कोर्ट में वकील होने के बावजूद लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया सईद ने अपनी बात खुद रखी थी. सईद ने कहा कि सरकार द्वारा उस पर लगाए गए आरोप देश के किसी भी संस्थान द्वारा साबित नहीं किए गए. उसे और उसके साथियों को कश्मीर की आजादी और उस पर सरकार की कमजोर नीति पर बोलने के लिए निशाना बनाया गया है.