सोची. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए सोमवार काला सागर के तटीय शहर सोची पहुंच गए. वार्ता का केंद्र ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने का जो प्रभाव पड़ेगा उसके सहित विभिन्न वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दे रहेंगे.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अनौपचारिक वार्ता का लक्ष्य दोनों देशों के बीच आपसी दोस्ती एवं विश्वास के बूते महत्वपूर्ण वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर साझा राय बनाना है. उन्होंने कहा कि दोनों नेता ‘ बिना किसी एजेंडे ’ के चार से छह घंटे वार्ता करेंगे जहां द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार – विमर्श बहुत सीमित होने की संभावना है.

मोदी ने कल ट्वीट किया था, ‘‘रूस के मित्रवत लोगों को नमस्कार! मैं सोची के कल के अपने दौरे और राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी मुलाकात के प्रति आशान्वित हूं. उनसे मिलना मेरे लिये हमेशा सुखदायी रहा है.’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार युक्त रणनीतिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी.’’

इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत के मुद्दों में ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने से भारत और रूस पर पड़ने वाले आर्थिक असर, सीरिया और अफगानिस्तान के हालात, आतंकवाद के खतरे तथा आगामी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और ब्रिक्स सम्मेलन से संबंधित मामलों के शामिल होने की संभावना है.