न्यूयॉर्क: अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने संभावना जताई है कि भारत के चंद्रयान-2 मिशन का लैंडर विक्रम संभवत: लंबी परछाई में छिप गया है. अमेरिकी मून ऑर्बिटर द्वारा ली गई तस्वीरों में फिलहाल विक्रम की खोज संभव नहीं हो पाई है.

नासा ने गुरुवार को कहा कि जब 17 सितंबर को उनका लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (एलआरओ) विक्रम की लैंडिंग साइट के ऊपर से गुजरा और इस क्षेत्र की हाई रिजॉल्यूशन वाली तस्वीरें लीं गई. मगर उस समय चांद पर रात हो चुकी थी, जिसके चलते ज्यादातर सतह पर सिर्फ परछाइयां ही दिखाई दे रही हैं. ऐसे में हो सकता है कि लैंडर किसी परछाई में छिप गया हो.

 

नासा ने कहा कि जब उस जगह पर पर्याप्त रोशनी होगी, तब वह अगले महीने लैंडर विक्रम का पता लगाने का एक और प्रयास करेगा. नासा ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के आसपास के क्षेत्र में एलआरओ द्वारा ली गई तस्वीरों को भी जारी किया. ये उसी जगह की तस्वीरें हैं, जहां लैंडर विक्रम को छह सितंबर को उतरना था. मगर इसकी सॉफ्ट लैंडिंग से पहले ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (इसरो) का इससे संपर्क टूट गया.

नासा ने तस्वीरें जारी करके बताया- विक्रम लैंडर की हुई थी हार्ड लैंडिंग

मुख्य तस्वीर में 150 किमी. का क्षेत्र लिया गया है. इसमें कई स्थानों पर लंबी गहरी परछाई दिख रही है और रोशनी की कमी के कारण लैंडर विक्रम नहीं दिख पाया. नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में एलआरओ प्रोजेक्ट वैज्ञानिक नोआ पेट्रो ने बताया कि एलआरओ 14 अक्टूबर को उस क्षेत्र से दोबारा गुजरने वाला है. दक्षिणी ध्रुव से अंधेरा छंटने के बाद उम्मीद है कि एलआरओ द्वारा ली जाने वाली तस्वीर में लैंडर विक्रम की स्थिति का पता लगाया जा सकेगा.