
Vineet Sharan
Vineet Sharan Srivastava एक भारतीय पत्रकार और डिजिटल न्यूज एक्सपर्ट हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 17 वर्षों का अनुभव है. वह असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं ... और पढ़ें
Died Three Times: मुझे जीवन में तीन बार निकट मृत्यु (near-death experiences) का अनुभव हो चुका है. मैं 2, 25 और 52 साल की उम्र में इसका सामना किया है. यह कहना है कि 55 साल की इंग्रीड होंकाला का, जो नासा की वैज्ञानिक रह चुकी हैं. वह समुद्री विज्ञान के क्षेत्र में काम करती हैं.
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्रीड होंकाला ने बताया, हालांकि हर घटना अलग तरह से हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि नतीजा हर बार एक जैसा ही था. वह पूरी तरह से शांत, बिना किसी डर के, बिना समय के एहसास के और अपने शरीर से अलग होने की भावना वाली एक अजीब स्थिति में चली गईं.
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होंकाला ने बताया कि वह ‘शुद्ध चेतना’ बन गईं. एक विशाल, आपस में जुड़ी हुई चेतना में डूब गईं, जिसे वह रोशनी और शांति से भरा हुआ बताती हैं. यह कोई पल भर का भ्रम नहीं था, बल्कि एक लगातार होने वाला अनुभव था, जो उन्हें हर बार तब होता था जब वह मौत के करीब पहुंचती थीं.
अब वैज्ञानिक का मानना है कि होंकाला के अनुभव के इन पलों ने उन्हें यह झलक दी कि इंसान की जिंदगी के बाद क्या होता है. यह उस सोच को चुनौती देता है कि जब शरीर काम करना बंद कर देता है, तो चेतना भी खत्म हो जाती है. होंकाला ने जोर देकर कहा कि ये अनुभव उस भौतिक दुनिया में महसूस की गई किसी भी चीज से ज़्यादा असली थे. अब उनका मानना है कि मृत्यु अंत नहीं, बल्कि एक बदलाव है. उस दृष्टिकोण से, मृत्यु अस्तित्व का अंत नहीं लगती. यह चेतना की निरंतरता में एक बदलाव की तरह अधिक महसूस होती है.
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