इस्लामाबाद: गंभीर रूप से अस्वस्थ पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मंगलवार को भी इलाज के लिए लंदन रवाना नहीं हो सके. सरकार उनका नाम ‘एग्जिट कंट्रोल लिस्ट’ (ईसीएल) से निकालने पर अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. इस मुद्दे पर कैबिनेट की उपसमिति की मंगलवार को हुई बैठक में कोई फैसला नहीं किया जा सका है. ईसीएल में उन लोगों का नाम शामिल है जिन पर आपराधिक मामलों के कारण पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगी हुई है. भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिए जा चुके नवाज शरीफ का नाम इस लिस्ट में है. उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अदालत ने इलाज के लिए उन्हें आठ हफ्ते की जमानत दी हुई है. उनके परिजन उन्हें इलाज के लिए लंदन ले जाना चाहते हैं लेकिन ईसीएल संबंधी कानूनी बाध्यता के कारण वे मंगलवार को भी ऐसा नहीं कर सके.

इससे पहले शरीफ की रविवार (10 नवंबर) और सोमवार (11 नवंबर) की उड़ानों को रद्द करना पड़ा और आज (मंगलवार को) भी वह लंदन नहीं रवाना हो सके. शरीफ को मंगलवार को कतर एयरवेज की उड़ान से दोहा होते हुए लंदन के लिए रवाना होना था. लेकिन, ईसीएल में नाम होने की वजह से वह नहीं जा सके और उनकी कंफर्म टिकट को एक बार फिर रद्द कराना पड़ा. नवाज के परिजनों का कहना है कि लंदन रवानगी में देरी से उनकी जान को खतरा हो सकता है. उन्होंने बताया कि लंदन के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराए जाने के सभी इंतजाम कर लिए गए हैं.

अदालत से जमानत मिलने के बाद, उम्मीद की जा रही थी कि नवाज के विदेश जाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. लेकिन, अब सत्तारूढ़ तहरीके इंसाफ के नेताओं में इसे लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं. कुछ मंत्रियों ने कहा है कि नवाज को देश छोड़ने की इजाजत देने से यह संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार के मामले में समझौता कर लिया गया है. कुछ नेता यह भी कह रहे हैं कि नवाज के स्वस्थ होने पर उन्हें देश वापस लाकर जेल की सजा पूरी कराने की गारंटी कौन लेगा. हालांकि, सरकार अभी इस मुद्दे पर विचार कर रही है. अभी इस आशय का कोई फैसला नहीं हुआ है कि नवाज शरीफ को विदेश जाने नहीं दिया जाएगा. इस पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है.

(इनपुट आईएएनएस)