सालों पुराना हैं नवाज़ शरीफ का ये पैंतरा, लेकिन भारत की इस तैयारी के बाद बच नहीं पाएगा पाकिस्तान

2014 और 2015 में नवाज ने यूएन विजीट के दौरान इस मुद्दे को उठाकर अपने यहां पल रहे आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश कर चुके हैं

Written by: Komal Badodekar
Published: September 21, 2016, 5:32 PM IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे। कश्मीर मुद्दे के बहाने वे अपने यहां पल रहे आतंकवाद से सबका ध्यान भटकाने की कोशिश करेंगे। नवाज का ये पैंतरा सालों पुराना है।  नवाज बुधवार को अमेरिका में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सेशन में शरीफ इस मुद्दे को एक बार फिर उठाएंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आंतरिक मामलों में दखल को लेकर पाकिस्तान भारत को घेरने की कोशिश करेगा।

पाकिस्तान को लगता है कि उरी हमले की आड़ में भारत अंतराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान कश्मीर में हो रहे मानवध‍िकारों के उल्लंघन से हटाना चाहता है और वो ऐसा होने नहीं देना चाहता। इसके साथ ही नवाज भारत का पाक में दखल का मुद्दा भी उठाएंगे। नवाज शरीफ ये मुद्दा भी उठा सकते हैं कि भारत, पाकिस्तान में खलल पैदा करने के लिए अफगानिस्तान की जमीन इस्तेमाल कर रहा है।

ये कोई पहला मौका नहींं है जब नवाज शरीफ, कश्मीर का मुद्दा यूएन में उठाएंगे। पाकिस्तान हमेशा से ही इस फिराक में रहता है कि उसे अंतर्राष्ट्रीय मंच से भारत के खिलाफ और कश्मीर मुद्दे का राग आलापने का मौका मिल जाए। इससे पहले 2014 और 2015 में नवाज ने यूएन विजीट के दौरान इस मुद्दे को उठाकर अपने यहां पल रहे आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश कर चुके हैं। यह भी पढ़ें: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, कहा छिपकर वार करने से बाज आएं

फाइल फोटो

फाइल फोटो

2014 नवाज ने फिर किया कश्मीर किया ज़िक्र

इससे पहले 2014 में यूएन दौरे के दौरान भी नवाज शरीफ कश्मीर मुद्दू का जिक्र कर चुके हैं। यूएन विजिट के दौरान नवाज ने कश्मीर राग आलापते हुए कहा था कि कश्मीर संयुक्त राष्ट्र का अधूरा एजेंडा है। उसके मुताबिक भारत को यह समझना चाहिए कि कश्मीर उसका आंतरिक मामला नहीं है। इसके बजाय वह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय है।’ शरीफ ने बैठक के दौरान कहा कि, ‘आत्मनिर्णय का अधिकार कश्मीरियों का मूल अधिकार है। हम कश्मीरियों को उनका यह अधिकार दिलाने के लिए कोशिश कर रहे हैं।

2015 में यूएन विजीट के दौरान नवाज संयुक्त राष्ट्र संघ पर लगाया आरोप

2015 विजीट के दौरान पाकिस्तान रॉ की गतिविधियों का मुद्दा कई विदेशी नेताओं के सामने उठा चुका है। इतना ही नहीं इस दौरान भी नवाज का कश्मीर से प्यार कम नहीं हुआ। वे हर बार की इस बार भी कश्मीर का मुद्दा उठाने से नहीं भूले। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दा अभी तक नहीं सुलझा है संयुक्त राष्ट्र भी इस पर समाधान निकाल पाने में नाकाम रहा है। शरीफ ने उल्टे भारत पर संघर्षविराम उल्लंघन का आरोप लगाया। यह भी पढ़ें: उरी हमला: पाक पीएम शरीफ को आतंक फैलाने पर मिल रहा है करारा जवाब

2016 भारत की इस तैयरी के बाद पाकिस्तान का पक्ष बेहद कमज़ोर

लेकिन अब देखना होगा कि जम्मू कश्मीर के उरी में सैन्य शिविर पर आतंकी हमले के बाद घिरे पाकिस्तान का क्या रुख होगा। न्यूयॉर्क पहुंचे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मामले में बिल्कुल चुप्पी साध ली है और अफसोस के दो शब्द भी बोलने से इनकार कर दिया। उरी में सेना के 18 जवानों की शहादत पर अफसोस के दो शब्द तक नवाज ने नहीं जता पाए।

नवाज को यूएन जनरल असंबेली में भाषण देना है। ऐसा माना जा रहा है कि उरी हमले के बाद भारत के प्रति पाकिस्तान का पक्ष कमजोर पड़ेगा। इससे पहले पाकिस्तानी पीएम के सलाहकार सरताज अजीज भी उरी हमले पर सवाल को टाल गए।

पाकिस्तान हमेशा से ही सवालों से बचता रहा है फिर चाहे वो पठानकोट मामला हो या फिर जम्मू-कश्मीर के उरी में हुआ आतंकी हमला। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी से मुलाकात कर फिर से कश्मीर मुद्दे को उठाया और उनका समर्थन मांगा। यह भी पढ़ें: पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना बंद करे: केरी 

कैरी से मुलाकात के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जैसी ही बाहर निकले उन्हें मीडिया ने घेर लिया और भारत के उरी में हुए आतंकी हमले पर सवाल पूछने शुरु कर दिए लेकिन हमेशा की तरह नवाज इन सवालों से कतराते नजर आए।

उरी हमले के बाद भारत अपने कूटनीतिक तरकश से कई तीर छोड़ने की तैयारी में है। पाकिस्तान को हर तरफ से घेरने की कोशिश होगी ताकि उसकी सैन्य और आर्थिक मदद के स्रोत पूरी तरह बंद किए जा सकें।

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