Near India China Border Us Agency Cia Lose A Nuclear Device In The Himalayas Can Leak Plutonium Radioactive Poison
भारत-चीन ने नहीं, दोनों देशों के बॉर्डर के करीब तीसरे देश ने फिट किया था खतरनाक 'न्यूक्लियर टाइम बम'? नंदा देवी में खो गए 'डिवाइस' से आज भी थरथराती है दुनिया
Nanda Devi Nuclear Device: सीआईए का फेल मिशन आज विशेषज्ञों को डराता है. उनका मानना है कि रेडियोएक्टिव मैटेरियल के लीक का खतरा बना हुआ है.
Nanda Devi Nuclear Device: लोकेशन, नंदा देवी. हिमालय की सबसे ऊंची चोटियों में से एक पर एक टीम चढ़ाई कर रही थी. एक भी कदम गलत पड़ा, एक भी लापरवाही से फिसले, तो 2,000 फीट नीचे, सीधे खाई में गिरना तय था. पर ये सामान्य पर्वतारोहियों की एक टीम नहीं थी. ये CIA के एजेंट थे. सभी ऐसे मिशन पर थे जिसमें बहुत ज्यादा गोपनीयता की जरूरत थी.
नीचे भी एक टीम थी
न्यूयॉर्क टाइम्स में इस महीने छपी रिपोर्ट के मुताबिक चोटी से ठीक नीचे, अमेरिकियों और उनके भारतीय साथियों ने सब कुछ तैयार कर लिया. एंटीना, केबल और एक पोर्टेबल जनरेटर SNAP-19C,जिसे एक टॉप-सीक्रेट लैब में डिजाइन किया गया था. यह रेडियोएक्टिव ईंधन से चलता था.
क्या करना चाहता था अमेरिका
योजना चीन पर जासूसी करने की थी, जिसने अभी-अभी एक परमाणु बम का धमाका किया था. C.I.A. इस उपकरण को नंदा देवी पर लगाना चाहती थी जिससे चीनी मिशन कंट्रोल की बातें सुनी जा सकें.
तभी हुई अनहोनी
जैसे ही पर्वतारोही चोटी की ओर बढ़ने वाले थे, मौसम खराब हो गया. बर्फीला तूफान आ गया. साथियों की जान बचाने के लिए CIA का सामान बर्फ की एक चट्टान पर छिपाने के बाद, पर्वतारोही पहाड़ से नीचे उतर गए.
Add India.com as a Preferred Source
खो गया नागासाकी बम का एक तिहाई प्लूटोनियम
टीम ने न्यूक्लियर डिवाइस को वहीं छोड़ दिया, जिसमें नागासाकी बम में इस्तेमाल हुए कुल प्लूटोनियम का लगभग एक तिहाई हिस्सा था. तब से वह चीज फिर कभी नहीं देखी गई. और यह बात 1965 की है और 60 साल बीत चुके हैं.
क्या है डर
माना जाता है कि प्लूटोनियम डिवाइस बर्फ को पिघलाते-पिघलाते गहरे ग्लेशियर में समा गया. बाद में कई खोज अभियान चलाए गए, लेकिन उपकरण नहीं मिला. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि यह आज भी किसी ग्लेशियर में मौजूद है, तो यह रेडियोधर्मी रिसाव का कारण बन सकता है, जिससे गंगा नदी तंत्र प्रभावित हो सकता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.