काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत के साथ एक के बाद एक नया विवाद छेड़ते जा रहे हैं. पहले भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर उलझे नेपाल ने अब भारतीय देवी-देवताओं और महापुरुषों पर विवाद पैदा करना शुरू कर दिया है. दरअसल कुछ दिन पहले नेपाल के पीएम ने भगवान श्री राम की अयोध्या को नेपाल के बीरगंज के पास होने का दावा किया था. इस बार उन्होंने गौतम बुद्ध को लेकर भारतीय विदेश एस जयशंकर के एक बयान पर विरोध दर्ज कराया है. Also Read - बिहार विधानसभा चुनाव कब है? तारीख कब आएगी? मुख्य चुनाव आयुक्त ने बतायी ये बात

नेपाल ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के भगवान गौतम बुद्ध के भारतीय कहे जाने पर कड़ा एतराज जताते हुए उन्हें नेपाली करार दिया है. दरअसल सीआईआई शिखर सम्मेलन में ऑनलाइन वार्ता के दौरान जयशंकर ने कहा कि भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी के संदेशों को अब भी पूरी दुनिया में मान्यता मिलती है. जयशंकर ने कहा था, “महात्मा गांधी और भगवान बुद्ध दो ऐसे भारतीय महापुरुष हैं जिन्हें दुनिया हमेशा याद रखती है. उन्होंने सवाल किया था कि अब तक के सबसे महान भारतीय कौन हैं जिन्हें आप याद रख सकते हैं? मैं कहूंगा कि एक गौतम बुद्ध हैं और दूसरे महात्मा गांधी हैं.” Also Read - महिलाओं संग अपराध करने वालों के पोस्टर लगवाएगी योगी सरकार, आदेश जारी

नेपाल को भारतीय विदेश मंत्री के इस बयान से आपत्ति हुई है. नेपाल के कई राजनेताओं ने भी जयशंकर के बयान का विरोध किया है. वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा है कि इसमें कोई शक नहीं कि भगवान गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में हुआ था. Also Read - Delhi Riots: कोर्ट ने उमर खालिद को न्यायिक हिरासत में भेजा, UAPA समेत कई गंभीर धाराएं लगी हैं

नेपाली विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “ऐतिहासिक और पौराणिक तथ्यों से यह साबित हुआ है कि गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में हुआ था. लुंबिनी बुद्ध और बुद्धिज्म की जन्मस्थली है और इसे यूनेस्को ने भी वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया हुआ है. 2014 में नेपाल यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि नेपाल वह देश है जहां विश्व में शांति का उद्घोष हुआ और बुद्ध का जन्म हुआ.”

इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने नेपाल की आपत्ति पर जवाब देते हुए कहा, “सीआईआई के कार्यक्रम में कल विदेश मंत्री एस जयशंकर की टिप्पणी ने हमारी साझा बौद्ध विरासत को संदर्भित किया था. इसमें कोई शक नहीं कि गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था, जो नेपाल में है.”