काठमांडू: भारत और नेपाल के बीच दिन पर दिन रिश्तों में कड़वाहट आती जा रही है. इस बीच नेपाल सरकार का कहना है कि वह जल्द ही अगस्त महीने के मध्य तक अपडेट नेपाल के नक्शे को दुनियाभर के अंतरराष्ट्रीय संगठनों, गूगल इत्यादि को भेजेंगे. नेपाल के एक मंत्री ने कहा कि इस मैप में भारत सरकार द्वारा नियंत्रित किए जा रहे लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को शामिल किया गया है. Also Read - PM नरेंद्र मोदी का नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक रहने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने

नेपाल के भूमि प्रबंधन मामले के मंत्री पद्म आर्यल ने कहा कि इस नए नक्शे को हम संयुक्त राष्ट्र संघ, अंतरराष्ट्रीय समुदायो और भारत को भी भेजेंगे. इस महीने के मध्य तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा. नेपाल के मापन विभाग से सरकार ने नए नख्से की 4,000 कॉपियां बनाने को लेकर आदेश जारी किया है. इन नक्शों को अंग्रेजी भाषा में जारी किया गया है. Also Read - Russia Vaccine Update: रूस ने बना ली कोरोना की वैक्सीन, क्या भारत भी करेगा इस्तेमाल, जानें एम्स की राय

हालांकि मापन विभाग द्वारा नए नक्शों की 25,000 छापी गई हैं. इसे पूरे नेपाल में बांटे जाएंगे. साथ ही सरकारी दफ्तरों में भी इसे मुफ्त में बांटा जाएगा. लोग इसे 50 रूपये में भी खरीद सकते हैं. इस मैप में दिखाए जा रहे लोकेशन के कारण विवाद की स्थिति बनी हुई है. वहीं भारत सरकार की तरफ से पहले भी द्विपक्षीय वार्ता के जरिए मामले को सुलझाने को लेकर प्रयास किया जा रहा है. भारत सरकार ने नेपाल द्वारा जारी इस मैप पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि बनावटी तरीके से सीमा विस्तार को भारत किसी तरह से स्वीकार नहीं करने वाला है. Also Read - रूस में कोरोना की वैक्सीन ‘Sputnik V’ बनकर तैयार, भारत सहित 20 देशों ने दिया 100 करोड़ डोज का ऑर्डर