यरूशलम: इजराइल में नई सरकार शपथ लेने जा रही है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) 12 साल के रिकॉर्ड शासन के बाद विपक्ष में बैठेंगे. इसी के साथ पिछले दो वर्षों में चार बार चुनाव होने के बाद उत्पन्न हुए राजनीतिक संकट का भी समाधान हो जाएगा.Also Read - पेगासस जासूसी कांड: इजराइल ने एनएसओ के खिलाफ आरोपों की जांच शुरू की, अब खुलेंगे राज?

अति राष्ट्रवादी पार्टी के अध्यक्ष नफ्ताली बेनेट प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. लेकिन अगर वह इस पद पर बने रहना चाहते हैं तो उन्हें दक्षिणपंथी, वामपंथी और उदारवादी पार्टियों के भारी-भरकम गठबंधन को बरकरार रखना होगा. Also Read - Pegasus जैसी टेक्नोलॉजी के कारण लाखों लोग सुरक्षित हैं, चैन की नींद सो पाते हैं: NSO

सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होकर इतिहास रच रहे एक छोटे अरब गुट समेत आठ दल नेतन्याहू का विरोध करने और नये सिरे से चुनाव कराने के खिलाफ एकजुट हुए हैं लेकिन बहुत कम मुद्दों पर सहमत हैं. उनके एक मामूली एजेंडा पर आगे बढ़ने की संभावना है जिसका मकसद फलस्तीनियों के साथ तनाव कम करने और बिना कोई बड़ी पहल शुरू किए अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बरकरार रखने का है. Also Read - इजराइल दूतावास विस्फोट मामला: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कारगिल के 4 छात्रों को किया गिरफ्तार

भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे नेतन्याहू संसद में सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष बने हुए हैं और समझा जाता है कि नयी सरकार का पुरजोर विरोध करेंगे. अगर एक भी गुट पीछे हटता है तो नयी सरकार अपना बहुमत गंवा देगी और सरकार गिरने का जोखिम पैदा हो जाएगा जिससे नेतन्याहू को सत्ता में लौटने का मौका मिल सकता है.

नयी सरकार उतार-चढ़ाव भरे दो वर्षों में चार बार चुनाव होने, पिछले महीने गाजा के साथ 11 दिन तक युद्ध चलने और देश की अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले कोरोना वायरस प्रकोप के बाद सामान्य हालातों का वादा कर रही है. हालांकि, कोरोना वायरस के प्रकोप को सफल टीकाकरण अभियान के बाद काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है.

गठबंधन के पीछे की सबसे बड़ी ताकत याइर लापिद हैं. वह एक उदारवादी नेता हैं जो सरकार का कार्यकला लंबा चलने की स्थिति में दो वर्षों में प्रधानमंत्री बन सकते हैं.

इजराइल की संसद ‘नेसेट’ स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे नयी सरकार पर वोट के लिए बुलाई जाएगी. 120 सदस्यीय संसद में कम से कम 61 मतों के बहुमत से इसके जीतने की उम्मीद है जिसके बाद नयी सरकार शपथ लेगी. सरकार शाम में अपनी पहली आधिकारिक बैठक करने की योजना बना रही है. यह साफ नहीं है कि नेतन्याहू समारोह में शामिल होंगे. यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह कब आधिकारिक आवास छोड़ेंगे.