संयुक्त राष्ट्र: यूएनसी में आतंकी सरगना मसूद अजहर को ग्‍लोबल टेरोरिस्‍ट की लिस्‍ट में शामिल करने की कोशिशें चीन की अड़ंगेबाजी के चलते नाकाम होने के बाद भी जैश-ए- मोहम्‍मद के प्रमुख के मुश्‍किलें कम नहीं हुई हैं. दुनिया के बड़े देशों की टेड़ी नजर में चढ़ चुके इस आतंकी को अब राहत नहीं मिलने वाली है. ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा दिया है. यूएस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक मसौदा प्रस्ताव पेश किया है, ताकि अजहर का नाम काली सूची में डाला जा सके. अमेरिका को इस प्रयास में फ्रांस और ब्रिटेन का समर्थन प्राप्त है. Also Read - दिग्गज अमेरिकी टॉक शो लीजेंड लैरी किंग का निधन, कुछ सप्ताह पहले ही पाए गए थे कोरोना पॉजिटिव

संयुक्त राष्ट्र के सूत्रों ने कि पहली बार अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अजहर का नाम काली सूची में डालने के लिए सीधे सुरक्षा परिषद में एक मसौदा प्रस्ताव भेजा है. ऐसा प्रस्ताव अनापत्ति संबंधी किसी प्रावधान के तहत नहीं आता. सूत्रों ने बताया कि मसौदा प्रस्ताव पर अनौपचारिक चर्चा की जाएगी और तब यह परिषद में जाएगा. यह तय नहीं है कि मसौदा प्रस्ताव पर मतदान कब होगा. इस दौरान चीन एक बार फिर वीटो कर सकता है, जिसने पूर्व में अजहर को प्रतिबंधित करने के प्रयास में अड़ंगा लगाया था. Also Read - पाकिस्तान की अदालत ने मुंबई हमले के षडयंत्रकर्ता हाफिज सईद के तीन सहयोगियों को सुनाई सजा

सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति में अजहर को सूचीबद्ध कर उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के एक प्रस्ताव पर चीन के वीटो करने के दो सप्ताह के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह के मुखिया का नाम काली सूची में डालने, उसके यात्रा करने पर प्रतिबंध लगाने, उसकी संपत्ति जब्त करने आदि के लिए बुधवार को 15 सदस्यीय परिषद को मसौदा प्रस्ताव भेजा. Also Read - ममता बनर्जी का बड़ा बयान, बोलीं- भारत जैसे बड़े देश के लिए हों 4 राष्ट्रीय राजधानी

सूत्रों के मुताबिक, मसौदा प्रस्ताव में जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को हुए जघन्य एवं कायराना आत्मघाती हमले की कड़े शब्दों में निंदा की जाएगी, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे.