ईरान-हूतियों की खैर नहीं! लाल सागर पर होगा अमेरिका का पूरा कब्जा! जानें कौन सा नया बेस देगा ट्रंप को ताकत

US Base in Somaliland: सोमालीलैंड ने अमेरिका को एक हवाई और नौसैनिक अड्डे की पेशकश की है. अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने पेश की जा रही सुविधाओं का दौरा किया है.

Published date india.com Published: April 14, 2026 1:48 PM IST
ईरान-हूतियों की खैर नहीं! लाल सागर पर होगा अमेरिका का पूरा कब्जा! जानें कौन सा नया बेस देगा ट्रंप को ताकत
(photo credit AI, for representation only)

US Base in Somaliland: अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी शुरू कर दी है. इस बीच सोमालीलैंड ने अमेरिका को नया समुद्री बेस और बंदरगाह की पेशकश की है. इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एयर बेस माना जा रहा है. इससे पूरे लाल सागर में अमेरिका की स्थिति मजबूत होगी. साथ ही लाल सागर के प्रमुख चोक पॉइंट, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को निशाना बना रहे हूतियों को नियंत्रित करना आसान होगा.

फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने हाल ही में सोमालीलैंड में पेश की जा रही सुविधाओं का दौरा किया. इसमें अमेरिकी अफ्रीका कमांड (AFRICOM) के कमांडर, जनरल डैगविन एंडरसन भी शामिल थे.

क्या है सोमालीलैंड

सोमालीलैंड अमेरिका समर्थक एक चौकी है, जो 1991 में युद्धग्रस्त सोमालिया से अलग हो गया था. सोमालीलैंड ने बरबेरा में अमेरिका को एक हवाई और नौसैनिक अड्डे की पेशकश की है.

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बरबेरा बंदरगाह कितना महत्वपूर्ण

सोमालीलैंड गणराज्य की आधिकारिक साइट पर पिछले महीने बरबेरा की खूबियों की तारीफ की. इसमें यह दावा किया गया था कि यहां लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ने वाली मुख्य जलधारा के किनारे एक गहरा बंदरगाह है. यह अफ्रीका के सबसे लंबे रनवे में से एक है, जिसे मूल रूप से NASA की आपातकालीन लैंडिंग साइट के रूप में विकसित किया गया था.

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बाब-अल-मंडेब कितना अहम

बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, जो स्वेज नहर के रास्ते हिंद महासागर और भूमध्य सागर को जोड़ने वाला एक समुद्री मार्ग है. होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद होने के कारण बाब-अल-मंडेब, जिसका अरबी में अर्थ “आंसुओं का द्वार” है, मध्य पूर्व से एशिया तक तेल भेजने का मुख्य मार्ग बन गया है.

ब्लूमबर्ग न्यूज़ ने बताया कि सऊदी अरब ने लाल सागर पर स्थित अपने यानबू बंदरगाह से इस जलडमरूमध्य के रास्ते प्रतिदिन संभावित रूप से 7 मिलियन बैरल तक तेल भेजना शुरू कर दिया है. दुनिया की 14 फीसदी तक शिपिंग इस 16 मील चौड़े जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है.

क्या बोले विशेषज्ञ

यमन में अमेरिका के पूर्व राजदूत और फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज़ (FDD) के वरिष्ठ फेलो, एडमंड फिटन-ब्राउन ने बताया कि बरबेरा में समुद्री और हवाई अभियानों के लिए स्पष्ट रूप से बहुत बड़ी रणनीतिक क्षमता है.

अमेरिका का जिबूती में लाल सागर पर एक और बेस है, लेकिन वहां की सरकार कुछ नीतियों से लगातार असहज महसूस कर रही है. वहीं सोमालीलैंड, जो यमन के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी तटों के लिए लगभग उतनी ही अच्छी स्थिति में है, अमेरिका, इजरायल और UAE को हूतियों से लड़ने में मदद कर सकता है

क्या है विवाद

विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, कि अमेरिका संघीय गणराज्य सोमालिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता देना जारी रखे हुए है, जिसमें सोमालीलैंड का क्षेत्र भी शामिल है. यानी सोमालीलैंड अमेरिका की नीति अभी सोमालिया से अलग नहीं है. पिछले साल इजरायल सोमालीलैंड को मान्यता देने वाला पहला देश बना था.

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