वेलिंगटन: दुनिया के कई देश कोरोना वायरस की भयंकर चपेट में है. वहीं, न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस से जंग जीत कर बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. 50 लाख की आबादी वाले इस देश में आज की तारीख में महामारी का केवल एकमात्र सक्रिय मामला बचा है. माना जा रहा है न्यूजीलैंड कोरोना फ्री हो गया है. इसका श्रेय न्यूजीलैंड की प्राइम मिनिस्टर जैसिंडा अर्डर्न (Jacinda Ardern) की नीतियों को दिया जा रहा है. Also Read - 11 जुलाई से अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगे एयर इंडिया के विमान, बुक कराएं टिकट, जानें डिटेल

50 लाख की आबादी वाले इस देश में 1500 से अधिक लोग कोरोना की चपेट में थे. यहाँ 22 लोगों की मौत हुई. देश में लॉकडाउन कर दिया. कोरोना के ख़त्म होने का श्रेय प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न को दिया जा रहा है. जैसिंडा अर्डर्न ने कहा था कि जो इटली में हुआ वैसा वह अपने देश में नहीं होने देंगी. और सतर्कता के चलते उन्होंने ऐसा कर भी दिखाया. देश में लोकल ट्रांसमिशन नहीं हो पाया. जैसिंडा अर्डर्न ने अपने देश के लोगों से कोरोना की चैन तोड़ने के लिए टीम की तरह काम करने को कहा. Also Read - कोविड-19 की दवा विकसित करने के लिए 'ड्रग डिस्कवरी हैकाथन' शुरू, देश में पहली बार हो रही ऐसी पहल

बताते हैं कि न्यूजीलैंड में कोरोना का पहला मामला फरवरी के आखिरी सप्ताह में सामने आया था. तब इटली में कोरोना बढ़ ही रहा था. न्यूजीलैंड ने सक्रियता दिखाते हुए विदेश से आने वाले सभी लोगों को क्वारंटाइन में रहने के आदेश दिए. इसके बाद भी नतीजे कुछ ठीक नहीं लगे तो उन्होंने विदेशों से आने जाने पर 19 मार्च को पाबंदी लगा दी. जैसिंडा अर्डर्न इस पूरे अभियान में कोरोना से लड़ने के लिए फ्रंट लाइन में खड़ी रहीं और आखिरकार ये देश कोरोना से मुक्त हो गया है. Also Read - राजस्थान में कोरोना: 421 मौतें, संक्रमितों की संख्या 18 हज़ार पार, जानें अपने इलाके का हाल

वहीं, दुनिया के अन्य देशों में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और पाकिस्तान में इस विषाणु के कहर से बड़ी संख्या में मौत होने की खबर है. अमेरिका में धीरे-धीरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खुलने के बावजूद पिछले सप्ताह महामारी से उत्पन्न स्थितियों के चलते 20 लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो गए. अब यह डर बढ़ता जा रहा है कि कोरोना वायरस दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक नुकसान पहुंचा सकता है. लोगों की नौकरी छिनने संबंधी अमेरिकी श्रम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस के चलते मार्च के मध्य में हुई तालाबंदी के बाद से चार करोड़ दस लाख अमेरिकी लोगों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है. न्यूजीलैंड में एक सप्ताह से कोरोना वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है.

देश में कोरोना वायरस की चपेट में आए 1,504 लोगों में से 22 की मौत हो गई है और एक व्यक्ति को छोड़कर शेष अन्य ठीक हो गए हैं. पाकिस्तान में शुक्रवार को कोरोना वायरस से 57 लोगों की मौत दर्ज की गई जो देश में महामारी के शुरू होने के बाद से एक दिन में मौतों का सर्वाधिक आंकड़ा है. इसके साथ ही देश में महामारी से मरनवालों की कुल संख्या 1,300 के आंकड़े को पार कर गई है और संक्रमण के मामलों की संख्या 64 हजार से अधिक हो गई है.

फिलीपीन में दो महीने से अधिक समय से चली आ रही कड़ी पाबंदी के बाद राजधानी मनीला में लॉकडाउन में ढील देने का निर्णय किया गया है जहां हाल में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि देखने को मिली थी. अमेरिका में इस महामारी से सर्वाधिक मौत हुई हैं और मृतकों की संख्या 1,01,000 के आंकड़े को पार कर गई है. हालांकि, देश के आर्थिक आंकड़ों में कुछ उत्साहजनक संकेत दिखे हैं. संकट शुरू होने के बाद से बेरोजगारी भत्ते का लाभ ले रहे लोगों की संख्या ढाई करोड़ से घटकर दो करोड़ दस लाख रह गई है. अमेरिका में अप्रैल में बेरोजगारी की दर 14.7 प्रतिशत थी और कई अर्थशास्त्रियों का कहना है कि मई में यह 20 प्रतिशत रहेगी.

यूरोपीय देशों को भी इस महामारी के चलते आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है. जॉन हॉप्किन्स विश्वविद्यालय के अनुसार विश्वभर में वायरस ने 58 लाख से अधिक लोगों को अपने संक्रमण की चपेट में लिया है और लगभग 3,60,000 लोगों की मौत हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी से संबंधित आंकड़े उपलब्ध आंकड़ों से काफी अधिक हो सकते हैं क्योंकि अनेक लोग ऐसे हैं जिनकी कोरोना वायरस से संबंधित जांच ही नहीं हुई और उनकी मौत हो गई