Nicaragua President Daniel Ortega Made His Wife Rosario Murillo Co President Changed The Constitution To Control Power
इस देश के राष्ट्रपति ने पत्नी को बना दिया को-प्रेसिडेंट, सत्ता पर नियंत्रण के लिए संविधान में किया फेरबदल
Nicaragua : इस कानून के तहत, मुरिलो को किसी भी संख्या में उप-राष्ट्रपति नियुक्त करने की अनुमति होगी. अगर ओर्टेगा की मृत्यु हो जाती है, तो मुरिलो बिना किसी नए चुनाव के स्वचालित रूप से राष्ट्रपति बन जाएंगी.
Nicaragua : निकारागुआ के राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा और उनकी पत्नी व उपराष्ट्रपति रोसारियो मुरिलो ने हाल ही में अपनी सत्ता को और मजबूत करने के लिए संवैधानिक सुधार पारित करवाए. इन सुधारों को नेशनल असेंबली ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी, लेकिन इससे निकारागुआ में राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्मा गया है. नए संवैधानिक सुधारों के अनुसार, राष्ट्रपति का कार्यकाल अब 5 साल से बढ़कर 6 साल हो गया है. इसके साथ ही ओर्टेगा और मुरिलो को न्यायपालिका, चुनावी और अन्य संवैधानिक निकायों पर सीधा नियंत्रण मिल गया है, जो पहले स्वतंत्र थे. इसके अलावा, मुरिलो अब केवल उपराष्ट्रपति नहीं, बल्कि ‘सह-राष्ट्रपति’ कहलाएंगी.
संविधान में किया गया फेरबदल
इस कानून के तहत, मुरिलो को किसी भी संख्या में उप-राष्ट्रपति नियुक्त करने की अनुमति होगी. अगर ओर्टेगा की मृत्यु हो जाती है, तो मुरिलो बिना किसी नए चुनाव के स्वचालित रूप से राष्ट्रपति बन जाएंगी. सरकार के सहयोगी इन सुधारों को ‘क्रांति को गहरा करने’ वाला कदम बता रहे हैं, लेकिन आलोचकों ने इसे सत्ता पर कब्जा करने का तानाशाही प्रयास करार दिया है. कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है.
ओर्टेगा का राजनीतिक सफर
ह्यूमन राइट्स वॉच ने 2024 में कहा था कि ओर्टेगा और मुरिलो इन सुधारों का इस्तेमाल मानवाधिकारों का उल्लंघन करने और कथित ‘देशद्रोहियों’ की नागरिकता रद्द करने के लिए कर सकते हैं. डैनियल ओर्टेगा पहली बार 1985 से 1990 तक राष्ट्रपति बने और 2007 में फिर सत्ता में लौटे. तब से उन्होंने निकारागुआ में सत्ता को अपने हाथों में केंद्रित कर लिया है. उनके शासन में सैकड़ों विरोधियों को जेल भेजा गया है. पश्चिमी देशों ने उन पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और तानाशाही का आरोप लगाते हुए कई प्रतिबंध लगाए हैं.
आगे क्या?
ओर्टेगा के समर्थकों का कहना है कि ये सुधार निकारागुआ की 50 साल पुरानी क्रांति को आगे बढ़ाएंगे. नेशनल असेंबली के प्रमुख गुस्तावो पोरस ने कहा, ‘यह सरकार एक क्रांतिकारी सरकार है, और हमें कदम-दर-कदम आगे बढ़ना होगा, भले ही इससे कुछ लोगों की भावनाएं आहत हों.’ लेकिन आलोचकों का मानना है कि ये सुधार निकारागुआ को लोकतंत्र से दूर ले जा रहे हैं. ओर्टेगा और मुरिलो की सत्ता की इस मजबूत पकड़ ने देश में राजनीतिक असंतोष को और बढ़ा दिया है.
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