ओस्लो: इथोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद को अपने देश में ‘शांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग’ स्थापित करने के उनके प्रयासों के लिए 2019 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया है. उन्हें खासकर पड़ोसी देश इरिट्रिया के साथ दो दशक से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने में उनकी ‘निर्णायक पहल’ के लिए इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है. ओस्लो में 100वें नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता के रूप में उनके नाम की घोषणा की गई. बता दें कि इथोपिया के प्रधानमंत्री को 43 साल की उम्र में पुस्कार पाने का मौका मिला है.

 

समाचार एजेंसी एफे ने नोबोल समिति के हवाले से कहा कि उनके सुधारों ने कई नागरिकों के बीच बेहतर जीवन और बेहतर भविष्य के लिए उम्मीद जगा दी. बयान के अनुसार, उनके प्रयासों को पहचान की और सराहना की जरूरत है. बयान के अनुसार, “नोबेल समिति उम्मीद करती है कि पुरस्कार प्रधानमंत्री अबिय अहमद के शांति और मेल-मिलाप के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगा. अहमद के अप्रैल 2018 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, इथोपिया ने इरिट्रिया के साथ शांति समझौता किया था. उनके इस प्रयास के बाद दोनों देशों के बीच 1998-2000 सीमा युद्ध की वजह से उत्पन्न 20 वर्षीय सैन्य टकराव समाप्त हो गया.

दिसंबर में ओस्लो में दिया जाएगा पुरस्कार
अहमद ने इथोपिया में बड़े पैमाने पर उदारवादी सुधार शुरू किए जिसने इससे पहले इस अत्यधिक नियंत्रित देश में हलचल पैदा कर दी. उन्होंने हजारों विपक्षी कार्यकर्ताओं को आजाद कर दिया और निर्वासित असंतुष्टों को देश आने की इजाजत दी. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए कुल 301 उम्मीदवार को नामित किया गया था, जिसमें से 223 व्यक्ति और 78 संगठन शामिल थे. उन्हें पुरस्कार के रूप में दिसंबर में ओस्लो में 90 लाख स्वीडिश क्राउन (नौ लाख डॉलर) दिया जाएगा.

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के कार्यालय ने ये कहा
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद के कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि देश उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुने जाने पर गर्व महसूस करता है और यह देश में सुधार लाने एवं इरिट्रिया के साथ शांति कायम करने के प्रयासों का सबूत है. अहमद को इस पुरस्कार के लिए चुने जाने के बाद उनके कार्यालय ने ट्वीट किया कि हम बतौर राष्ट्र गर्व महसूस करते हैं. उनके कार्यालय ने यह कहते हुए इस फैसले की प्रशंसा की कि यह एकता, सहयोग और सह-अस्तित्व, जिनकी प्रधानमंत्री निरंतर वकालत करते रहे हैं, …. का कालातीत सबूत है.

2018 में अबी अहमद ने राजनीतिक नेतृत्व संभाला
बयान में कहा गया है कि अप्रैल, 2018 में अबी अहमद ने राजनीतिक नेतृत्व संभालने के बाद से उन्होंने शांति, क्षमादान और मेल-मिलाप को अपने प्रशासन का नीतिगत अंग बनाया है. बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर हजारों राजनीतिक बंदियों की रिहाई, मीडिया निकायों एवं राजनीतिक दलों को क्षमादान एवं शांतिपूर्ण संवाद और राजनीतिक दलों के लिए दायरे का विस्तार…. कुछ उल्लेखनीय मील के पत्थर हैं. बयान के अनुसार क्षेत्रीय स्तर पर इथियोपिया और इरिट्रिया के बीच दो दशक से जारी गतिरोध के खत्म होने से दोनों देशों के बीच संभावनाओं का नया आयाम पैदा हुआ है.

इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया गया पुरस्कार
हालांकि अबी के शांति प्रयासों के बावजूद सीमांकन जैसे अहम मुद्दों पर उल्लेखनीय प्रगति नहीं होने के कारण इरिट्रिया करार का महत्व कमतर हुआ है. अहमद का नोबेल पुरस्कार दिया गया है. यह पुरस्कार उनके देश के चिर शत्रु इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया गया है. नोबेल समिति ने इसकी जानकारी दी है. नोबेल पुरस्कार निर्णायक मंडल ने बताया अबी को शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयासों के लिए और विशेष रूप से पड़ोसी इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को सुलझाने के निर्णायक पहल के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. (इनपुट एजेंसी)