एक दूसरे की तबाही के लिए तैयार रहने की धमकी देने वाले उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच रिश्ते सुधरने के संकेत मिले हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश 27 अप्रैल को इंटर कोरियन समित के तीसरे संस्करण के लिए तैयार हो गए हैं.Also Read - Submarine Deal Issue: उत्‍तर कोरिया ने अमेरिका को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

बता दें कि दोनों देशों ने यह निर्णय तब लिया है जब पानमुंजम में दोनों कोरियाई देशों का डेलिगेशन मिला है. पानमुंजम दोनों देशों का एक बॉर्डर गांव है, जो भारी सुरक्षा वाला डिमिलिट्रिलाइज्ड जोन (DMZ) है. यह दोनों देशों के बीच वास्तवीक बॉर्डर के रूप में काम करती है. Also Read - North Korea ने लंबी दूर की क्रूज मिसाइल का टेस्‍ट किया, US ने कहा- यह दुनिया को खतरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
कोरियाई देशों के डेलिगेशन के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाए-इन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन पानमुंजम के दक्षिण में स्थित पीस हाउस में मिलेंगे. मीटिंग के शुरुआत से पहले उत्तर कोरिया के डेलिगेट री सोन-ग्वान ने कहा कि पिछले 80 दिन में यहां बहुत से नाटकीय घटनाक्रम हुए, जैसा कि पहले कभी नहीं हुआ था. इसके बाद ही यह समिट तय हो पाई. Also Read - US प्रेसिडेंट जो बाइडन ने चीनी राष्‍ट्रपति शी से फोन पर 90 मिनट तक की बात

डेलिगेट्स की भी है मीटिंग
योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इंटर कोरियन समिट ने न्यूक्लियर प्रोग्राम के समाधान के बात करने की कठिन जगह को चुना है. इससे पहले दोनों कोरियाई देशों ने अगले बुधवार को भी डेलिगेट्स की एक मीटिंग रखी है.

18 साल बाद मुलाकात
18 साल में यह पहला मौका है जब दोनों कोरियाई देशों के बीच समिट हो रहा है. इससे पहले नए वर्ष के कार्यक्रम में किम जोंग ने कहा था कि वह चाहते हैं कि दोनों कोरियाई देश आपस में मिलजुलकर रहें.

चीन गए थे किम जोंग
बता दें कि हाल ही में किम अपनी पहली चीन यात्रा पर गए थे. वहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. वह 25 मार्च से 28 मार्च तक चीन में रहें. साल 2011 में पद संभालने के बाद किम पहली बार देश से बाहर गए थे.