सियोल: उत्तर कोरिया ने मंगलवार को अपनी सीमा के भीतर अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय की इमारत को ध्वस्त कर दिया और दक्षिण कोरिया के साथ सभी संचार माध्यम काटने की भी पुष्टि कर दी. उत्तर कोरिया के इस कदम के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है. Also Read - क्या साउथ कोरिया पर हमला करेगा किम जोंग ?, बहन ने दी सैन्य कार्रवाई की धमकी, कहा- संबंध खत्म करने का यह सही समय

प्योंगयांग की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने कहा कि उत्तर कोरिया ने ”लोगों के मन में बसे मैल को निकालने के लिए और जिन लोगों ने इस मैल को आश्रय दिया है, उनके अपराधों की बड़ी कीमत चुकाने के मकसद से” इस कार्यालय को ध्वस्त किया है. Also Read - नॉर्थ कोरिया ने कहा- साउथ कोरिया से रिश्‍ते खत्‍म, अब वह हमारा शत्रु देश

एजेंसी का इशारा उन लोगों की तरफ था जो उत्तर कोरिया छोड़कर दूसरी तरफ चले गए हैं और सीमा पार से प्योंगयांग के खिलाफ गुब्बारों पर चिपकाकर पर्चे भेजते हैं. Also Read - focal Dystonia Is A Neurological Disorder इस दिमागी बीमारी से ग्रसित है नॉर्थ कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन, दिमाग अंगों को नहीं देता निर्देश, जानें क्या है सच

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया के सीमावर्ती कस्बे केसोंग में स्थित उस भवन को स्थानीय समयानुसार दोपहर दो बजकर 49 मिनट पर ध्वस्त कर दिया गया. हालांकि उसने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी.

समाचार एजेंसी योन्हाप की ओर से जारी तस्वीरों में भवन के एक कॉम्पलेक्स से धुआं उठता दिख रहा है. एजेंसी ने कहा कि यह इलाका अब बंद हो चुके औद्योगिक पार्क का हिस्सा है. यहीं पर संपर्क कार्यालय स्थित है.

केसीएनए ने भी इस बारे में विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया है कि कार्यालय को ध्वस्त कैसे किया गया लेकिन कहा कि इसे ”बड़े विस्फोट के साथ बुरी तरह तबाह किया गया.”

अमेरिका से छूट पाने में विफल रहने पर दक्षिण कोरिया पर दबाव बनाने का लंबा रिकॉर्ड रखने वाले उत्तर कोरिया ने हाल के हफ्तों में बार-बार दक्षिण कोरिया पर आक्रोश जाहिर किया है जिसने द्विपक्षीय संबंधों को मानने से इनकार किया है और दल बदलुओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पर्चे भेजे जाने को रोकने में अक्षम रहा है.

कार्यालय को ध्वस्त किए जाने से कुछ घंटे पहले उत्तर कोरिया की सेना ने उन क्षेत्रों में प्रवेश की चेतावनी दी थी जिनका अंतर-कोरियाई शांति समझौतों के तहत विसैन्यकरण किया गया था. विशेषज्ञों का कहना है कि यह भूमि और समुद्री सीमाओं के पास दक्षिण कोरिया के लिए सुरक्षा के खतरे पैदा कर सकता है.