नई दिल्लीः उत्तर कोरिया (North Korea) का तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) 20 दिन के सस्पेंस के बाद अब दुनिया के सामने आ गया है जिसके बाद से उसकी मौत और तबियत की खबरों पर उड़ रही अफवाहों पर विराम लग गया है. यह पहली बार नहीं था कि तानाशाह अचानक गयाब हुआ हो. 2014 में भी वह तीस दिनों के लिए इसी तरह गायब हो गया था और फिर अचानक ही सबके सामने उसकी एंट्री हो गई. अब जब किम जोंग सबके सामने आ गया है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसा क्या था कि अफवाहों के बीच वह यू हीं अचानक सबके सामने आ गया. Also Read - focal Dystonia Is A Neurological Disorder इस दिमागी बीमारी से ग्रसित है नॉर्थ कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन, दिमाग अंगों को नहीं देता निर्देश, जानें क्या है सच

पूरी दुनिया के सामने यह कौतूहल बना हुआ था कि किम जोंग कहा हैं और खुद वहां की सरकार भी किम के बारे में ठीक से कुछ बताने को तैयार नहीं थी. एक मई 2020 को किम जोंग बीस दिनों की मिस्ट्री के बाद सबके सामने आया. कारण था एक उर्वरक फैक्ट्री का उद्धाटन करना. Also Read - कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बाद चीन के शहर ने उत्तर कोरिया की सीमा पर लगाया मार्शल लॉ

माना जा रहा है कि किम किसी प्लान के तहत गायब हुआ था और उसके आते ही साउथ कोरिया और नार्थ कोरिया के बार्डर पर लगातार फायरिंग की घटना भी सामने आ रही है. यह भी कहा जा रहा है कि यह कोई छोटी बात नहीं है कि एक फैक्ट्री मात्र के लिए मार्शल किम जोंग को खुद आना पड़ा. जरूर इसके पिछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है. Also Read - व्लादिमीर पुतिन का तानाशाह किम जोंग उन के लिए प्यार, द्वितीय विश्वयुद्ध स्मारक पदक से किया सम्मानित

जानकारों का मानना है कि अगर यह केवल एक उर्वरक फैक्ट्री ही होती तो इसके उद्धाटन के लिए किम जोंग किसी बड़े अधिकारी को भेज सकता था. कुछ लोगों का कहना यह भी कि हो सकता है कि ऐसा तो नहीं है कि किम की यह फैक्ट्री कहीं उर्वरकर के नाम पर परमाणु कार्यक्रमों से जुड़ी हो और इसी वजह से उसने किसी और को न भेजकर खुद उद्घाटन के लिए आया.

बात कुछ भी हो लेकिन यह संदेह होना लाजमी है कि मात्र एक फैक्ट्री के उद्घाटन के लिए एक तानाशाह को आना पड़े यह पचने वाली बात नहीं है जरूर इसके पीछे कोई बड़ा कारण हैं. क्या किम इसी की प्लानिंग के लिए दुनिया की नजरों से गायब हुआ था.