प्योंगयांग/ वाशिंगटन: उत्तर कोरिया ने शनिवार को कहा कि वह अपने परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू करेगा. प्योंगयांग ने कोरियाई प्रायद्वीप के निरस्त्रीकरण की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए यह फैसला किया है. परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करने की प्रक्रिया 23 से 25 मई तक चलेगी. सिन्हुआ ने प्योंगयांग के विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (डब्ल्यूपीके) की सातवीं केंद्रीय समिति की तीसरी पूर्ण बैठक के फैसले के अनुसार परमाणु हथियार संस्थान और अन्य संबंधित संस्थाएं देश के परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करेंगी और यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी. Also Read - Kulfi Wala Viral: लो भाई! मिल गया डोनाल्ड ट्रम्प का हमशक्ल, पाकिस्तान में कुल्फी बेचता है

बयान के मुताबिक, परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करने की प्रक्रिया 23 से 25 मई तक चलेगी, जो पूरी तरह से मौसम की स्थितियों पर निर्भर करेगी. देश में सत्तारूढ़ डब्ल्यूपीके का कहना है कि वह परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करेगा और मिसाइल परीक्षणों पर रोक लगाएगा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्योंगयांग के अपने परमाणु परीक्षणों को नष्ट करने के फैसले की सराहना करते हुए इसे बुद्धिमानी भरा कदम बताया.

उत्तर कोरिया 23 से 25 मई के बीच अपने परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करेगा.प्योंगयांग ने कहा कि वह अपने सभी परमाणु परीक्षण स्थलों की सुरंगों में विस्फोट करेगा. इन परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करने की प्रक्रिया में सभी प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया जाएगा, वहां से सभी तरह के शोध सामानों को हटाया जाएगा और परमाणु स्थल के आसपास के क्षेत्र को भी पूरी तरह से बंद किया जाएगा. उत्तर कोरिया के इस कदम का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर कोरिया ने 12 जून को बैठक से पहले अपने परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करने की योजना बनाई है. गौरतलब है कि ट्रंप और किम जोंग के बीच 12 जून को सिगापुर में बैठक होगी.