सियोल: तानाशाह किम जोंग और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बीच आगामी 12 जून को होने वाली ऐतिहासिक मीटिंग अचानक रद्द किए जाने के बाद नॉर्थ कोरिया ने शुक्रवार को कहा है कि उसके नेता किम जोंग उन यूएस के प्रेसिडेंट ट्रंप से मिलने के लिए किसी भी जगह और किसी भी तरह से मिलने के लिए तैयार हैं. सीएनएन की खबर के मुताबिक, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी किम काई गवान का ये बयान सरकारी एजेंसी केसीएन की खबर में सामने आया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप का निर्णय कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति के लिए वैश्विक समुदाय की इच्छाओं का सम्मान करता है.

नॉर्थ कोरियाई अधिकारी गवान ने कहा ” हम अमेरिका से दोहराते हैं कि हम किसी भी समय और किसी भी तरह से आमने-सामने बैठने को तैयार हैं’. बता दें कि बीते गुरुवार को ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के साथ होने वाली बैठक रद्द कर दी थी और कहा था कि दुनिया के लिए ये मौका खो गया है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, व्हाइट हाउस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ट्रंप के शिखर सम्मेलन रद्द करने से नॉर्थ कोरियाई लोगों की तरह दुनिया को भी तगड़ा झटका है.

ट्रंप ने फिर चौंकाया, किम जोंग उन के साथ 12 जून को होने वाली बैठक रद्द की

ट्रंप ने किम-जोंग उन को लिखे एक पत्र में कहा, दुनिया और उत्तरी कोरिया ने विशेषतौर पर स्थाई शांति और महान समृद्धि और धन के लिए एक बड़ा अवसर खो दिया है. ये चूका गया अवसर इतिहास में वास्तव में एक दुखद क्षण है.

व्हाइट हाउस द्वारा 24 मई को जारी एक प्रेस रिलीज में प्रेसिडेंट ट्रंप ने यूएस-साउथ कोरिया मैक्स ड्रिल को लेकर नॉर्थ कोरिया पर शत्रुता और गुस्से के प्रदर्शन करने का आरोप लगाया था. उन्होंने लिखा था, ”मैं आपके साथ वार्ता को लेकर काफी उत्साहित था. दुखद रूप से आपके हालिया बयान में दिखे जबरदस्त गुस्से और खुली शत्रुता के आधार पर मुझे लगा कि लंबे समय से प्रस्तावित यह बैठक करना इस समय सही नहीं होगा’.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्र में कहा, ”इसलिए कृपया इस पत्र को संदेश के रूप में देखें कि दोनों पक्षों की भलाई के लिए सिंगापुर शिखर वार्ता नहीं होगी हालांकि इससे दुनिया का नुकसान होगा”. ट्रंप ने किम को साफ चेतावनी देते हुए कहा, ”आप परमाणु क्षमताओं की बात करते हैं, लेकिन हमारी क्षमता इतनी विशाल एवं शक्तिशाली है कि मैं ईश्वर से कामना करता हूं कि उनका कभी इस्तेमाल ना करना पड़े”.

अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वह उत्तर कोरिया का पूर्ण, सत्यापन योग्य एवं अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण देखना चाहता है. लेकिन उत्तर कोरिया ने घोषणा की है कि जब तक वह अमेरिकी आक्रमण से खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता, वह अपना परमाणु प्रतिरोध नहीं छोड़ेगा.

ट्रंप ने बाद में कहा कि उन्होंने रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस एवं अमेरिकी सैन्य नेतृत्व से बात की है और दक्षिण कोरिया एवं जापान दोनों किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं और दोनों देशों ने उत्तर कोरिया के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का खर्च वहन करने पर सहमति जताई है.

बता दें कि ट्रंप ने किम के साथ सिंगापुर में 12 जून या बाद की किसी तारीख को शिखर वार्ता की अब संभावना होने का संकेत करते हुए कहा, ”किम अगर कभी सकारात्मक बातचीत एवं कार्रवाई में जुड़ने का मन बनाते हैं तो मुझे उस मौके का इंतजार रहेगा”. ट्रंप ने अपने पत्र में लिखा, ”मुझे लगा कि आपके और मेरे बीच एक शानदार बातचीत की जमीन तैयार हो रही है और आखिरकार बातचीत ही मायने रखती है. मुझे उम्मीद है कि किसी दिन हमारी मुलाकात होगी”.

ट्रंप ने कहा कि अगर इस बेहद महत्वपूर्ण शिखर वार्ता को लेकर आपका मन बदल जाए तो कृपया मुझसे बात करने में या मुझे पत्र लिखने में संकोच ना करें. दुनिया और खासकर उत्तर कोरिया ने स्थायी शांति और शानदार खुशहाली एवं संपदा का एक बड़ा मौका गंवा दिया. यह मौका गंवाना इतिहास का एक दुखद पल है. ट्रंप ने तीन अमेरिकी बंधकों को रिहा करने के लिए किम का आभार जताया. उन्होंने कहा, वह एक खूबसूरत पहल थी और हम उसकी काफी सराहना करते हैं. ट्रंप ने साथ ही बैठक को लेकर प्रयासों के लिए उत्तर कोरियाई नेता की सराहना की.

यूएस प्रेसिडेंट ने पत्र में कहा, ”हम 12 जून को सिंगापुर में तय बैठक, जिसकी दोनों पक्ष लंबे समय से मांग कर रहे थे, को लेकर हमारे हाल की बातचीत एवं चर्चाओं के संबंध में आपके समय, धैर्य एवं प्रयास की काफी सराहना करते हैं. हमें बताया गया था कि उत्तर कोरिया ने बैठक का अनुरोध किया था, लेकिन यह बात हमारे लिए बिल्कुल मायने नहीं रखती.”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने निजी ट्विटर पेज पर भी पत्र डालते हुए लिखा, ”दुखद रूप से मुझे सिंगापुर में किम के साथ तय शिखर बैठक रद्द करनी पड़ी.” बता दें कि अप्रैल में ट्रंप ने किम के बैठक के न्यौते को स्वीकार कर दुनिया को चौंका दिया था.दोनों नेता पूर्व में एक दूसरे के लिए अपमानजनक भाषा इस्तेमाल कर चुके हैं और एक दूसरे को धमकियां दे चुके हैं. यह शिखर वार्ता अमेरिका के किसी मौजूदा राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया के नेता के बीच अब तक की पहली बैठक होती. (इनपुट एजेंसी)