सियोल: उत्तर कोरिया (North Korea) ने कहा है कि उसने नई विकसित लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल (Long-Range Cruise Missile)  का सप्ताह के अंत में सफल परीक्षण (Cruise Missile Test) किया है. बीते कई महीनों में उत्तर कोरियाई मिसाइल परीक्षण की यह पहली गतिविधि है जिससे पता चला है कि किस तरह अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में गतिरोध के बीच उत्तर कोरिया सैन्य क्षमताओं का विस्तार कर रहा है. अमेरिकी हिंद प्रशांत कमान (US ARMY)  ने कहा कि हालात पर नजर रखी जा रही है और उत्तर कोरिया की गतिविधियां बताती हैं कि उसका ध्यान निरंतर ‘सैन्य कार्यक्रम को विकसित करने और पड़ोसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरे उत्पन्न करने पर है.Also Read - PM मोदी ने US में क्वाड समिट से पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से मीटिंग की

केसीएनए ने कहा कि मिसाइलों ने अपने निशानों पर मार करने से पहले उत्तर कोरिया की भूमि और जल क्षेत्र के ऊपर 126 मिनट तक उड़ान भरी. इसमें बताया गया कि किम के शीर्ष सैन्य अधिकारी पाक जॉग चोन ने परीक्षण का अवलोकन किया और देश के रक्षा वैज्ञानिकों से कहा कि वे उत्तर कोरिया की क्षमताओं में वृद्धि के लिए सभी प्रयास करें. ऐसा लगता है कि किम किम मिसाइल परीक्षण देखने के लिए नहीं पहुंचे थे. Also Read - PM मोदी की उपराष्ट्रपति हैरिस से मीट‍िंंग में पाक की आतंकी भूमिका पर हुई बात, US ने नजर रखने पर जताई सहमत‍ि

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच वार्ता में 2019 से गतिरोध बना हुआ है, जब अमेरिका ने पाबंदियों में बड़ी राहत देने का उत्तर कोरिया का अनुरोध ठुकरा दिया था. अब किम की सरकार बाइडन प्रशासन के वार्ता के अनुरोध को ठुकरा रही है, उसका कहना है कि पहले वाशिंगटन अपनी ‘शत्रुतापूर्ण’ नीतियों को छोड़े. Also Read - PM मोदी आज यूएस के टॉप-5 सीईओ के साथ भारत में कारोबारी अवसरों पर करेंगे चर्चा

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने सोमवार को कहा कि क्रूज मिसाइल विकसित करने का काम बीते दो साल से चल रहा था और शनिवार तथा रविवार को परीक्षण के दौरान उसने 1,500 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य पर मार करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है. उत्तर कोरिया ने नई मिसाइलों को बेहद महत्वपूर्ण सामरिक हथियार बताया जो सेना को मजबूत करने के देश के नेता किम जोंग उन के आह्वान के अनुरूप है. उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने मिसाइल परीक्षण की तस्वीरें जारी कीं.

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि सेना अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया की खुफिया सेवा के जरिए उत्तर कोरिया के परीक्षणों का विश्लेषण कर रहा है. अमेरिकी हिंद प्रशांत कमान ने कहा कि वह सहयोगियों के साथ मिलकर हालात पर नजर रख रही है और उत्तर कोरिया की गतिविधियां बताती हैं कि उसका ध्यान निरंतर ‘सैन्य कार्यक्रम को विकसित करने और पड़ोसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए खतरे उत्पन्न करने पर है.

ऐसा लगता है कि किम किम मिसाइल परीक्षण देखने के लिए नहीं पहुंचे थे. अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच वार्ता में 2019 से गतिरोध बना हुआ है, जब अमेरिका ने पाबंदियों में बड़ी राहत देने का उत्तर कोरिया का अनुरोध ठुकरा दिया था. अब किम की सरकार बाइडन प्रशासन के वार्ता के अनुरोध को ठुकरा रही है, उसका कहना है कि पहले वॉशिंगटन अपनी ‘शत्रुतापूर्ण’ नीतियों को छोड़े.