नई दिल्ली: जानेमाने टेक्नोलॉजिस्ट और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक पॉल ऐलन का सोमवार को निधन हो गया. कंपनी की ओर से जारी बयान में बताया गया कि 65 साल के पॉल कैंसर से पीड़ित थे. ऐलन ने अपने बचपन के दोस्त बिल गेट्स के साथ मिलकर माइक्रोसॉफ्ट की नींव रखी थी. ऐलन की कंपनी वल्कन इंक ने बयान जारी करते हुए बताया है कि सोमवार को ऐलन की मौत हो गई. इससे पहले इसी महीने ऐलन ने कहा था कि 2009 में उनको हुए जिस कैंसर (एनएच लिम्फोमा) का इलाज चला था, उसके वह दोबारा शिकार हो गए हैं.

एलन की बहन जॉडी ने एक बयान में कहा कहा अमूमन लोग एलन को टेक्नोलॉजिस्ट और परोपकारी के रूप में जानते हैं, हमारे लिए वह बहुत प्यारा भाई और एक असाधारण मित्र था. जॉडी ने कहा कि तमाम कार्यक्रमों के बीच उनके पास हमेशा परिवार और दोस्तों के लिए समय रहता था.वॉल्कन इंक के सीईओ बिल हिफ ने कहा कि हम लोगों में से जिसने भी एलन के साथ काम किया है, उन्हें गहरा धक्का लगा है. हिफ ने एक बयान में कहा, ‘उन्होंने दुनिया की सबसे कठिन समस्याओं में से कुछ को सुलझाने का जुनून हासिल किया.

एलन के निधन पर माइक्रोसॉफ्ट के मौजूदा सीईओ सत्या नडेला ने कहा, एलन ने माइक्रोसॉफ्ट और प्रौद्योगिकी उद्योग में जरूरी योगदान दिया है. नडेला ने यह भी कहा कि उन्होंने एलन से बहुत कुछ सीखा और वह सदैव प्रेरित करते रहेंगे. नाडेला ने एक बयान में कहा, ‘माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक के रूप में, अपने स्वयं के शांत और सतत रूप से, उन्होंने जादुई उत्पाद, अनुभव और संस्थान बनाए, और ऐसा करने के दौरान उन्होंने दुनिया को बदल दिया.

ऐलन और गेट्स ने 1975 में माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प की स्थापना की थी. माइक्रोसॉफ्ट के लिए 1980 का साल मील का पत्थर साबित हुआ, जब आईबीएम कॉर्प ने पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) के क्षेत्र में प्रवेश करने का फैसला लिया. इसके बाद आईबीएम ने माइक्रोसॉफ्ट से पीसी के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम मुहैया कराने को कहा. इस फैसले से माइक्रोसॉफ्ट तकनीक के मामले में पूरी दुनिया में बुलंदी पर पहुंच गया और सिऐटल के दो शख्स अरबपति बन गए.