वाशिंगटनः ट्विटर ने अपने जरिए राजनैतिक सामग्री के प्रचार पर पाबंदी लगाने का फैसला लिया है. कंपनी ने यह फैसला राजनेताओं के बारे में सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं डाले जाने के बाद हुई आलोचना के मद्देनजर लिया है. मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डोरसे ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि ‘मशीन लर्निंग’ तकनीक से अविश्वसनीय सूचनाओं को रोक पाने में समस्या आने की वजह से यह निर्णय लिया गया. Also Read - पाकिस्तान में हालात बिगड़े, 3 बजे तक के लिए बंद किए गए सभी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म

गौरतलब है कि फेसबुक पर राजनैतिक प्रचार के तथ्यों की जांच करने के लिए गहरा दबाव रहा है. डोरसे ने कहा कि नई नीति के विस्तृत विवरण का अगले महीने तक खुलासा किया जाएगा. इसके तहत राजनैतिक उम्मीदवारों और राजनीतिक मुद्दों के प्रचार पर पाबंदी होगी. Also Read - Horse Fight Video: दो घोड़ों के बीच हुई जबरदस्त मारपीट, उठा-उठाकर पटका, लोग बोले- जबरा खुन्नस है यार

उन्होंने कहा, “हमने केवल उम्मीदवारों के प्रचार को रोकने के बारे में सोचा था लेकिन (राजनैतिक) विषयों से संबंधित प्रचार भी रोकना होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि उनसे भी घुमा फिरा कर राजनैतिक प्रचार ही होता है.’ अधिकारी ने कहा कि हमें कई बार देखने को मिला है कि बहुत से दल प्रचार के द्वारा बहुत सी सामाजिक मुद्दों को उछालने का काम करते हैं और कई लोग ऐसे प्लेटफॉर्म का गलत उपयोग करते हैं. Also Read - #Yogi Adityanath: योगी आदित्यनाथ को हुआ कोरोना, लोग कर रहे दुआ, बोले- Get well soon

उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाभावना बनाए रखने के लिए हमें इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि हम किस प्रकार की सामाग्री को अपने समाज में प्रसारित कर रहे हैं.