संयुक्त राष्ट्रः अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के हॉल में ‘ओम’, ‘शांति’ की गूंज सुनाई दी. कार्यक्रम में शामिल हुए संयुक्त राष्ट्र के सैंकड़ों अधिकारी और राजनयिकों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और सहिष्णुता तथा शांति को बढ़ावा देने के साथ योग दिवस मनाया. Also Read - कोरोना वैक्सीन के लिए फैले भ्रम को लेकर 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने यूएन से मिलाया हाथ, 22 भारतीय भी शामिल

पांचवे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत के स्थायी मिशन की ओर से महासभा के हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संयुक्त राष्ट्र के राजनयिक, अधिकारी, योगगुरु, योग करने वाले, बच्चे और विभिन्न वर्गों के लोग पहुंचे. महासभा के हॉल में पहली बार विशाल योग कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच साल पहले 2014 में महासभा में अपने संबोधन में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था. Also Read - सोनू सूद को मिला बड़ा सम्मान, संयुक्त राष्ट्र ने अवॉर्ड देकर कहा- आपने जो किया वो...

कार्यक्रम के दौरान भरी सभा को संबोधित करते हुए उपमहासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा कि योग का सार संतुलन है, “न केवल हमारे भीतर बल्कि मानवता के साथ हमारे संबंधों में भी.” इस मौके पर योग करने पहुंचे लोगों ने योग गुरुओं के निर्देशों का हर्षोल्लास के साथ अनुसरण करते हुए “ओम शांति, शांति ओम” मंत्र का उच्चारण किया और अनुलोम विलोम प्राणायाम का अभ्यास किया और ध्यान भी लगाया. Also Read - PM Narendra Modi Full speech at UNGA: पीएम मोदी बोले- आखिर कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के निर्णय लेने वाले स्ट्रक्चर से अलग रखा जाएगा?