शादी से पहले देना होगा मेडिकल टेस्ट... इस मुस्लिम देश में लागू हुआ नियम, जानें कानून से जुड़ी जरूरी बातें

एक बार जब कपल टेस्ट करवा लेगा तो ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. जो लोग इसे पूरा नहीं करेंगे, उनकी शादी की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. चलिए इस कानून के बारे में विस्तार से जानते हैं.

Published date india.com Published: January 2, 2026 7:35 PM IST
शादी से पहले देना होगा मेडिकल टेस्ट... इस मुस्लिम देश में लागू हुआ नियम, जानें कानून से जुड़ी जरूरी बातें

ओमान में शादी करने वाले लोगों के लिए प्री-मैरेटल मेडिकल एग्जाम अनिवार्य कर दिया गया है. 1 जनवरी, 2026 से लागू इस नियम के तहत, जो भी कपल शादी करना चाहते हैं, उन्हें पहले मेडिकल टेस्ट देना होगा. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, टेस्ट के बाद ही कपल को फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाएगा और यह प्रक्रिया तब तक पूरी करनी होगी, जब तक कि शादी का कॉन्ट्रैक्ट फाइनल न हो. यह नियम केवल ओमानी नागरिकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शादी में कोई विदेशी व्यक्ति है, तो उसे भी यह टेस्ट देना होगा.

नियम के बारे में विस्तार से जाने

ओमान के सुलतान हैथम बिन तारिक ने इस नियम को रॉयल डिक्री नं. 111/2025 के तहत लागू किया है. इस डिक्री के अनुसार, चाहे शादी ओमान में हो या बाहर, सभी कपल का मेडिकल टेस्ट कराना अनिवार्य होगा. इसका उद्देश्य केवल कानूनी बाध्यता नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी को भी ध्यान में रखा गया है. इसका मतलब साफ है कि शादी से पहले स्वास्थ्य की जांच कराना अब एक जरूरी कदम बन गया है और जो इसे पूरा नहीं करेंगे, उनके लिए शादी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना संभव नहीं होगा.

प्री-मैरेटल टेस्ट क्यों जरूरी है?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य वंशानुगत रक्त विकारों और संक्रामक बीमारियों जैसे हिपेटाइटिस बी, हिपेटाइटिस सी और HIV/AIDS की पहचान करना है. यदि किसी व्यक्ति में इन बीमारियों के लक्षण या जोखिम पाए जाते हैं, तो समय रहते उपचार या सावधानी अपनाई जा सकती है. इसके अलावा, यह टेस्ट बच्चों में वंशानुगत रक्त विकारों के जन्म को कम करने में मदद करेगा और परिवारों पर स्वास्थ्य और वित्तीय बोझ को भी घटाएगा.

क्यों अब यह कदम उठाया गया?

आपको बता दें कि ओमान में प्री-मैरेटल स्क्रीनिंग 1999 से वैकल्पिक (ऑप्शनल) थी. पिछले साल केवल 42% कपल ने इस टेस्ट में भाग लिया. इतने कम लोगों की भागीदारी ने स्वास्थ्य मंत्रालय को यह फैसला लेने पर मजबूर कर दिया अब यह स्क्रीनिंग अनिवार्य हो. मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि अनिवार्य का मतलब है कि सभी जोड़ों के लिए यह स्वास्थ्य जांच करवाना जरूरी है और बिना इसके शादी की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी.

स्वास्थ्य और समाज पर क्या असर पड़ेगा?

इस नियम का सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व बहुत बड़ा है. वंशानुगत और संक्रामक बीमारियों की शुरुआती पहचान परिवारों को गंभीर बीमारियों से बचा सकती है और बच्चों के स्वस्थ जन्म में मदद कर सकती है. साथ ही, यह कदम स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी को भी दर्शाता है कि वे देश में स्वास्थ्य समस्याओं के नियंत्रण और नागरिकों के दीर्घकालिक लाभ के लिए सक्रिय हैं. अब ओमान में शादी से पहले यह टेस्ट केवल कानूनी जरूरत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा का एक अहम हिस्सा बन गया है.

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