जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं की वजह से हर 24वें सेंकड में एक आदमी की मौत हो रही है. इस वजह से विश्व में हर साल साढ़े तेरह लाख लोग दम तो़ड़ देते हैं. संगठन ने शुक्रवार को इन आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा कि विश्व के देशों को इस दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए.

गड्ढ़ों की वजह से मौत अस्वीकार्य, शायद सीमा पर मौत से अधिक है यह आंकड़ा: SC

बीते तीन सालों में इनकी संख्या में एक लाख का इजाफा हो गया है और अब यह पांच से 29 वर्ष की आयु के लोगों के लिए मौत का सबसे बड़ा कारण बन कर सामने आया है.

बता दें कि भारत में 2017 में 1.47 लाख लोगों की मौत रोड एक्‍सीडेंट्स में हो गई.

संगठन के प्रमुख ट्रेडोस अधानोम ने एक बयान में कहा, ”ये मौतें आवागमन के लिए चुकाए गए अस्वीकृत मूल्य वाली है.” साल 2013 के आंकड़ों के आधार पर बनी पिछली रिपोर्ट में यह आंकड़ा 12 लाख 50 हजार का था.

मौतों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी लोगों और कारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मृत्युदर हाल के वर्षों में स्थिर बनी हुई है. इससे संकेत मिलता है कि कुछ मध्यम और उच्च आय वाले देशों में सड़क सुरक्षा संबंधी प्रयास सफल हो रहे हैं. इसमें कहा गया है कि कम आय वाले देशों में किसी ने भी इन मौतों की संख्या को कम करने की दिशा में खास कोशिशें नहीं की गई हैं.