इस्लामाबाद: पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन का पता लगाने और उसे मारने में सीआईए की मदद करने वाले डॉक्टर ने जेल की कोठरी से ही भूख हड़ताल शुरू कर दी. उनके वकील और परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी. शकील अफरीदी कई वर्षों से जेल में बंद हैं जब से उनके फर्जी टीकाकरण कार्यक्रम ने 2011 में अलकायदा सरगना का पता लगाने और उसे मौत के घाट उतारने में अमेरिकी एजेटों की मदद की थी. Also Read - Zimbabwe vs Pakistan, 1st Test: पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को पारी से हराया, तीन दिन के अंदर जीता मैच

पंजाब प्रांत की जेल में बंद अफरीदी से मुलाकात के बाद उनके भाई जमील अफरीदी ने कहा, “यह उनके और उनके परिवार के खिलाफ किया गया अन्याय एवं अमानवीय व्यवहार का विरोध करने के लिए है.” उनके वकील कमर नदीम ने भी भूख हड़ताल की पुष्टि की. अफरीदी को मई 2012 में 33 साल कैद की सजा सुनाई गई थी. अदालत ने आतंकवादियों के साथ संपर्क रखने के जुर्म में उन्हें सजा सुनाई थी. बाद में उनकी सजा 10 साल कम कर दी गई थी. कुछ अमेरिकी सांसदों ने इस मामले को अलकायदा सरगना की तलाश में की गई मदद का बदला बताया था. Also Read - Pakistan Covid Updates: पाकिस्तान में कोविड-19 से एक दिन में सबसे अधिक 201 लोगों की मौत

बिन लादेन की 2011 में हुई हत्या से पाकिस्तान की चौतरफा फजीहत हुई थी, खासकर उसकी ताकतवर सेना की. कई वर्षों तक अफरीदी को उनके वकील से नहीं मिलने दिया गया जबकि सजा के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई में देरी पर देरी होती रही. उनके परिवार ने वर्षों तक अधिकारियों द्वारा निशाना बनाए जाने और परेशान किए जाने की भी शिकायत की. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि वह पाकिस्तान को अफरीदी को रिहा करने का आदेश देंगे लेकिन पदभार संभालने के बाद वह इस मुद्दे पर चुप ही रहे. Also Read - Zimbabwe vs Pakistan, 3rd T20I: शतक से चूके Mohammad Rizwan, पाकिस्तान ने 2-1 से जीती सीरीज