वॉशिंगटन: यहां के एक शोध संस्थान का अनुमान है कि उच्च डिग्री धारी भारतीयों को अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए 150 साल से अधिक इंतजार करना पड़ेगा. शोध संस्थान केटो इंस्टिट्यूट ने ग्रीन कार्ड के लिए इंतजार की अवधि के बारे में अपनी गणना के आधार पर यह अनुमान व्यक्त किया है. यह अनुमान अमेरिका के नागरिकता और आव्रजन सेवा विभाग (यूएससीआईएस) द्वारा हाल ही में जारी आवेदनों की संख्या पर आधारित है. इसमें 2017 में जारी किए गए ग्रीन कार्ड की संख्या को भी ध्यान में रखा गया है. Also Read - अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बाइडेन ने भारतीयों को लुभाने के लिए किए कई वादे, H-1B वीजा को लेकर दिया बयान

इनते लोगों को ग्रीनकार्ड का इंतजार
इसके अनुसार 20 अप्रैल, 2018 तक 632,219 भारतीय आव्रजक और उनके पति/पत्नी और अल्पवयस्क बच्चे ग्रीन कार्ड के इंतजार में थे. ग्रीन कार्ड से अमेरिका की स्थायी नागरिकता मिलती है. केटो इंस्टिट्यूट की रपट के अनुसार विभिन्न श्रेणी के कौशल वाले आव्रजकों को ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा अवधि भी अलग अलग है. Also Read - ग्रीन कार्ड में प्रस्तावित बदलाव का अमेरिका में एशियाई समुदाय ने किया विरोध, भारतीयों की बढ़ेगी परेशानी

अगर कानून नहीं बदला तो
इसमें सबसे कम प्रतीक्षा अवधि ईबी-वन श्रेणी के आव्रजकों जबकि सबसे अधिक प्रतीक्षा अवधि ईबी-टु श्रेणी के आव्रजकों के लिए है. इसके अनुसार वीजा जारी किए जाने की मौजूदा गति के हिसाब से उन्हें (ईबी-टु श्रेणी के आव्रजकों को) ग्रीन कार्ड के लिए 151 साल इंतजार करना होगा बशर्ते कि कानून में कोई बदलाव नहीं हो. Also Read - When Microsoft CEO Satya Nadella once gave up his green card for love | जब प्यार के लिए नडेला ने लौटा दिया था अपना ग्रीन कार्ड

वर्क परमिट वीजा खत्म करना चाहती है सरकार
दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन एच-1 बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों को जारी होने वाले कामकाजी वीजा (वर्क परमिट) यानी एच-4 वीजा को खत्म करने पर अड़ा है.सरकार के इस प्रस्ताव से अमेरिका में रह रही हजारों भारतीय महिलाएं प्रभावित होंगी.वर्तमान में ट्रंप प्रशासन एच -1 बी वीजा नीति की समीक्षा कर रहा है. उसका मानना है कि अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरियों से दूर रखने के लिए कंपनियां इस नियम का दुरुपयोग करती हैं.

एच-4 वीजा है क्या
एच-1 बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है जो कि अमेरिकी कंपनियों को कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में विदेशी कर्मचारियों की भर्ती की अनुमति देता है. यह वीजा भारतीय पेशेवरों के बीच खासा लोकप्रिय है.एच-4 वीजा, एच-1 बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों (पति – पत्नी) को जारी किया जाता है, जिनमें बड़ी संख्या में भारत के कुशल पेशेवर शामिल हैं.अमेरिका के गृह विभाग ने कहा कि एच -4 आश्रित पति या पत्नी के कामकाजी परमिट को खत्म किया जा रहा है.

भारतीय महिलाएं होंगी प्रभावित
इस कदम का सबसे ज्यादा असर भारतीय-अमेरिकी महिलाओं पर पड़ेगा, जो कि ओबामा शासनकाल में बनाए गए इस नियम की मुख्य लाभार्थी हैं.अधिसूचना के मुताबिक,गृह विभाग एच -1 बी गैर प्रवासियों के कुछ एच -4 वीजाधारक जीवनसाथियों के कामकाजी परमिट को खत्म करने का प्रस्ताव कर रहा है. अधिसूचना में कहा गया है कि प्रस्तावित नियमों की सूचना (एनपीआरएम) इस महीने प्रकाशित की जाएगी. हालांकि, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने जोर दिया कि नियम बनाने की प्रकिया पूरी होने तक एच -4 वीजा को लेकर कोई भी फैसला अंतिम नहीं है.