इस्लामाबाद। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान पहली बार जासूसी एजेंसी आईएसआई के मुख्यालय गए और उसे देश की रक्षा की पहली पंक्ति बताया. इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के साथ इमरान खान को विभिन्न सामरिक खुफिया और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. Also Read - पाक की ISI ने अफगानिस्‍तान में भारतीय दूतावास पर हमले के लिए भेजे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी

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सेना के मीडिया प्रकोष्ठ इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, खासकर आतंकवाद विरोधी प्रयासों में आईएसआई के योगदान की सराहना की. उन्होंने कहा कि आईएसआई रक्षा की हमारी पहली पंक्ति है और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खुफिया एजेंसी के रूप में काम कर रही है.

…जब भारतीय सोचते थे कि काश इमरान खान हमारे कप्तान होते

इमरान खान ने आईएसआई के अधिकारियों से कहा कि उनकी सरकार और पाकिस्तान के लोग सशस्त्र बलों और खुफिया एजेंसियों के पीछे दृढ़ता से खड़े हैं. उन्होंने इन संस्थानों की अभूतपूर्व उपलब्धियों की सराहना की.

बता दें कि इमरान खान ने 18 अगस्त 2018 को ही पीएम पद की शपथ ली थी. इनकी पार्टी तहरीके इंसाफ पाकिस्तान चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. इसके बाद से इमरान आईएसआई और सेना और कट्टरपंथियों के साथ सामंजस्य बिठाने में लगे हुए हैं. हाल ही में कट्टरपंथियों के दबाव में उन्होंने अहमदिया समुदाय के एक प्रमुख वित्त विशेषज्ञ को अपनी टीम से बाहर कर दिया था.