इस्लामाबाद। पूर्वी पाकिस्तान की एक अदालत में एक ईसाई व्यक्ति को इस्लाम के लिए अपमानजनक संदेश भेजने के जुर्म में मृत्युदंड का ऐलान किया गया. नदीम जेम्स पर आरोप था कि उसने जुलाई 2016 में वाट्सऐप पर एक कविता भेजी जिसमें पैगंबर मुहम्मद का अपमान किया गया है. यह शिकायत जेम्स के एक दोस्त ने ही की थी. गौरतलब है कि मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में ईशनिंदा एक कानूनी अपराध है. वहां अल्पसंख्यकों पर ऐसे तमाम केस दर्ज किए गए हैं. जेम्स के वकील ने कहा कि वो हायर कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे.Also Read - महामारी के बीच दूसरे देशों का दौरा करने के बाद पाकिस्तान के साथ हुआ बुरा बर्ताव हुआ: इयान चैपल

Why no country wants Rohingya, why it’s so difficult to deport them | आखिर क्यों इस्लामिक देश भी रोहिंग्या मुस्लिमों को ‘अपनाना’ नहीं चाहते?

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इस घटना के बाद मसीह पंजाब प्रांत के सारा ए आलमगीर कस्बे में गुस्साई भीड़ से बचने के लिए अपने घर से भाग गया था लेकिन बाद में उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. उसकी सुनवाई सुरक्षा कारणों से जेल में एक साल से अधिक समय तक चली. यह जेल लाहौर से करीब 200 किलोमीटर दूर है. Also Read - प्रधानमंत्री मोदी की सभी बैठकों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का लिया गया संज्ञान: विदेश सचिव

मासिह के वकील अंजुम वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल बेगुनाह है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मुवक्किल लाहौर हाई कोर्ट में अपील करेगा क्योंकि एक मुस्लिम लड़की से प्रेमप्रसंग के चलते उसे फंसाया गया है.’’ अंजुम वकील के अनुसार सुरक्षा कारणों से जेल के अंदर सुनवाई हुई. Also Read - कौन हैं स्नेहा दुबे? UNGA में इमरान खान को जमकर लगाई फटकार, दुनिया के सामने खोलकर रख दी पाकिस्तान की पोल

एक ऐसा ही मामला पिछले साल अप्रैल में सामने आया था जब पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में अब्दुल वली खान विश्वविद्यालय के छात्र मशाल खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.