इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के पूरी तरह से हटने के बाद प्रमुख हिंदू मंदिरों व सिख गुरुद्वारों की मरम्मत व इनकी साज-सज्जा का काम शुरू करने के फैसला किया है. ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत विभाजन के समय हिंदू व सिख समुदाय द्वारा छोड़े गए शिक्षण, धर्मार्थ व धार्मिक न्यासों की जिम्मेदारी संभालने वाले सरकारी एवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के सूत्रों ने कहा कि यह काम सियालकोट स्थित शवाला तेजा सिंह मंदिर की मरम्मत से शुरू किया जाएगा जिसे 70 सालों के बाद फिर से हिंदू श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. इसके बाद बोर्ड ने खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर स्थित एक हजार साल पुराने पंज तीर्थ मंदिर के जीर्णोद्धार का फैसला किया है. इसी के साथ लाहौर स्थित गुरुद्वारे डेरा साहिब की साज-सज्जा का काम भी हाथ में लिया जाएगा. Also Read - पाकिस्तान के लाहौर में कोरोना वायरस के 6,70,000 मामले! रिपोर्ट में चौकाने वाला दावा

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में सालों से बंद पड़े कई मंदिरों व गुरुद्वारों की मरम्मत करा इन्हें फिर से श्रद्धालुओं के खोलने की कवायद चल रही है और बीते कुछ सालों में ऐसे 14 मंदिर और 20 गुरुद्वारों की मरम्मत कर उन्हें खोला जा चुका है. इनमें लाहौर का कृष्ण मंदिर, चकवाल में कटास राज के कई मंदिर, रावलपिंडी स्थित कृष्ण मंदिर, सक्खर स्थिति साधु बेला मंदिर, हैदराबाद स्थित गुरु गुरुपत मंदिर और कराची स्थित दरया लाल मंदिर शामिल हैं. Also Read - दिल्ली के सभी बॉर्डर सील, एंट्री के लिए आपके पास होना चाहिए यह पास

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इनके अलावा पंजाब के सियालकोट और सिंध के दादू जिले में कई मंदिरों की साज-सज्जा कर इन्हें फिर से खोला गया है. एवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के उप सचिव (धर्मस्थल) सैयद फराज अब्बास ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के तुरंत बाद सियालकोट के शवाला तेजा सिंह मंदिर की साज-सज्जा के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी जाएगी. इसी तरह पेशावर के तीर्थ मंदिर का काम पूरा कर इसे जल्द से जल्द श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा. Also Read - मध्य प्रदेश: कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 8,283 तक पहुंचा, 385 में सबसे ज्यादा मौतें इंदौर में

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के साथ मिलकर सात गुरुद्वारों, जनम स्थान सहित ननकाना साहिब, पट्टी साहिब, टांबो साहिब, बाल लीला, पंजा साहिब और कियारा साहिब की मरम्मत व साज सज्जा का काम पूरा कर दिया और यह सभी श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं. इनके अलावा भी देश में कई गुरुद्वारे श्रद्धालुओं से गुलजार हैं. अधिकारियों ने बताया कि कुछ अन्य बंद पड़े गुरुद्वारों की मरम्मत और साज सज्जा कर इन्हें जल्द खोला जाएगा.