पाकिस्तान (Pakistan) ने बाघा सीमा के जरिए अफगान ट्रकों द्वारा 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाइयों को मानवीय मदद के तौर पर अफगानिस्तान (Afghanistan) पहुंचाने की भारत को इजाजत दे दी है. इससे पहले सहायता पहुंचाने के तौर तरीकों को लेकर दोनों देशों में विवाद हो गया था. भारत (India) ने कहा कि पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को मदद पहुंचाने के तौर तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत चल रही है. भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि मानवीय सहायता पहुंचाने पर किसी प्रकार की शर्त नहीं होनी चाहिए.Also Read - आजादी के 75 साल में पहली बार पाकिस्‍तान से तीर्थयात्र‍ी PIA की स्‍पेशल फ्लाइट से पहुंचेंगे भारत

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ‘‘ हम अपनी बात दोहराते हैं कि मानवीय सहायता के लिए किसी प्रकार की शर्त नहीं होनी चाहिए.” पाकिस्तान ने भारत को “मानवीय उद्देश्यों के लिए अपवाद स्वरूप” अपने क्षेत्र से पड़ोसी अफगानिस्तान में गेहूं और जीवन रक्षक दवाएं पहुंचाने की इजाजत देने के अपने फैसले के बारे में पिछले हफ्ते आधिकारिक रूप से बताया था. Also Read - Republic Day 2022: भारत-पाकिस्तान सीमा पर BSF जवान 'हाई-अलर्ट' पर

पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को उसके क्षेत्र का इस्तेमाल कर अफगानिस्तान गेहूं भेजने के भारत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. हालांकि, विदेश दफ्तर ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि पाकिस्तान के रास्ते अफगान ट्रकों के जरिए गेहूं और जीवन रक्षक दवाइयों को अफगानिस्तान भेजने के लिए नई दिल्ली को इजाजत देने के फैसले के बारे में भारत को आधिकारिक रूप से बता दिया गया है. उसने कहा कि फैसला किया गया है कि वाघा सीमा से तोरखम तक मदद ले जाने के लिए अफगान ट्रकों का इस्तेमाल किया जाएगा. Also Read - Afghanistan पर काबिज होने के बाद तालिबान की यूरोप में कई देशों के साथ राजनयिकों से पहली मीटिंग

विदेश दफ्तर ने कहा कि यह फैसला भारत के उप उच्चायुक्त को बता दिया गया है. पाकिस्तान जोर दे रहा था कि अफगानिस्तान भेजी जाने वाली गेहूं और दवाओं की खेप बाघा सीमा से पाकिस्तानी ट्रकों में रवाना की जाए जबकि भारत अपने ट्रक इस्तेमाल करना चाह रहा था. भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सहायता जरूरतमंद लाभार्थियों तक पहुंचे और एक विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के माध्यम से राहत सामग्री का वितरण हो.

पाकिस्तान के विदेश दफ्तर ने कहा कि भारत सरकार से मानवीय सहायता के वितरण में तेजी लाने के लिए जरूरी कदम उठाने की गुजारिश की गई है. उसने यह भी कहा कि यह फैसला दिखाता है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के लोगों तक प्रस्तावित मानवीय मदद को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध और गंभीर है. विशेषज्ञों ने चेताया है कि अगर पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल सर्दियों में मौसम खराब रहता है तो अफगानिस्तान में बच्चों समेत लाखों लोग भुखमरी का सामना कर सकते हैं. अफगानिस्तान पर अब तालिबान का शासन है जो अगस्त के मध्य में सत्ता पर काबिज़ हुआ था.