इसलिए नहीं हो सका अफगानिस्तान से शांति समझौता, पाकिस्तान की अमेरिका से की गई सीक्रेट डील की पोल खुली

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:October 30, 2025 1:43 PM IST

पहली बार पाकिस्तान ने बातचीत के दौरान माना कि उसका यूनाइटेड स्टेट्स के साथ ड्रोन हमले करने की इजाज़त देने वाला एक समझौता है और वह इसे तोड़ नहीं सकता.

Pakistan-Afghanistan peace talks: पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर हुई वार्ता असफल हो गई है. कतर और तुर्की की मध्यस्थता से पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच इस्तांबुल में बातचीत चल रही थी लेकिन ये किसी नतीजे पर नहीं पहुंची. पाकिस्तान ने इस वार्ता के असफल होने के बाद अपनी खीझ निकाली और कहा कि तालिबान भारत की कठपुतली की तरह काम कर रहा है. लेकिन अब सामने आया है कि शांति वार्ता के कामयाब न होने के पीछे पाकिस्तान की अमेरिका के साथ की गई एक सीक्रेट डील है.

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ड्रोन ऑपरेशन का सीक्रेट समझौता

पाकिस्तान ने अमेरिका को अपनी जमीन से ड्रोन ऑपरेशन करने देने वाला सीक्रेट समझौता किया है. अफगानिस्तान के टोलो न्यूज़ के मुताबिक, अफगान डेलिगेशन ने पाकिस्तान से अफगान एयरस्पेस का उल्लंघन बंद करने और अफगान इलाके के ऊपर विदेशी ड्रोन उड़ानों को रोकने के लिए लिखित वादा मांगा. इसके बाद ही तालिबान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और अन्य पाकिस्तान विरोधी मिलिटेंट ग्रुप्स के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही.

इस बातचीत के दौरान पाकिस्तान ने माना कि एक "विदेशी देश" उसके इलाके से ड्रोन ऑपरेशन कर रहा है. बाद में बताया गया कि ये देश कोई और नहीं बल्कि अमेरिका ही है. टोलो न्यूज़ ने एक रिपोर्ट में कहा कि पहली बार पाकिस्तान ने बातचीत के दौरान माना कि उसका यूनाइटेड स्टेट्स के साथ ड्रोन हमले करने की इजाज़त देने वाला एक समझौता है और वह इसे तोड़ नहीं सकता.

बौखलाया पाकिस्तान

पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने शांति वार्ता कामयाब न होने के बाद कहा कि तालिबान ने सबूतों के बावजूद सीमा पार आतंकवाद रोकने की कोई गारंटी नहीं दी. पाकिस्तान आतंकवादियों और उनके समर्थकों के सफाए के लिए अभियान जारी रखेगा. तरार ने कहा कि पाकिस्तान अब आतंकवादियों और उनके मददगारों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा क्योंकि हाल ही में हुए हमले सब्र की सीमा को पार कर गए हैं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी कह चुके हैं कि अफगानिस्तान संग इस्तांबुल में अगर समझौता नहीं हुआ तो फिर इसका मतलब 'खुली जंग' होगा.

अफगानिस्तान का जवाब

अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी जारी की है और कहा है कि भविष्य में किसी भी सैन्य हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा. तालिबान ने कहा है कि अगर पाकिस्तान अफगान धरती पर हवाई हमले करता है तो अफगान सेना इस्लामाबाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है. अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने कहा है कि किसी भी हमले का निर्णायक जवाब दिया जाएगा. ये पाकिस्तान के लिए एक सबक और दूसरों के लिए एक संदेश होगा.उन्होंने कहा कि यह सच है कि हमारे पास परमाणु हथियार नहीं हैं लेकिन 20 साल के युद्ध के बावजूद न तो नाटो और न ही संयुक्त राज्य अमेरिका अफगानिस्तान को अपने अधीन कर पाया. अफगान राष्ट्र कभी किसी के आगे नहीं झुका.

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