इस्लामाबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित प्राचीन हिंदू मंदिर एवं सांस्कृतिक स्थल शारदा पीठ की यात्रा के लिए एक गलियारे की स्थापना के प्रस्ताव पर सोमवार को पाकिस्तान सरकार ने मंजूरी दे दी. इससे अब भारत से हिंदू तीर्थयात्रियों को इस मंदिर में दर्शन का मौका मिल पाएगा. मीडिया में आई खबर के अनुसार शारदा पीठ गलियारा के खुल जाने से यह पाकिस्तान नियंत्रित क्षेत्र में करतारपुर गलियारे के बाद दूसरा धार्मिक मार्ग होगा जो दोनों पड़ोसी देशों को जोड़ने का काम करेगा.

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि मंदिर गलियारा खोलने के बारे में भारत पहले ही पाकिस्तान को प्रस्ताव भेज चुका है. सूत्रों ने बताया, ‘‘करतारपुर के बाद निकट भविष्य में यह हिंदुओं के लिए एक बड़ी खबर होने वाली है. कुछ सरकारी अधिकारी इलाके का दौरा करेंगे और बाद में प्रधानमंत्री को एक रिपोर्ट जमा करेंगे.’’ इस घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर नयी दिल्ली स्थित आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत एवं पाकिस्तान के बीच होने वाली समग्र वार्ता के दौरान भारत कई बार यह अनुरोध कर चुका है.

उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर दिया गया था. अशोक के साम्राज्य में 237 ईस्वी पूर्व स्थापित प्राचीन शारदा पीठ करीब 5,000 साल पुराना एक परित्यक्त मंदिर है. विद्या की अधिष्ठात्री हिंदू देवी को समर्पित यह मंदिर अध्ययन का एक प्राचीन केंद्र था. शारदा पीठ भारतीय उपमहाद्वीप में सर्वश्रेष्ठ मंदिर विश्वविद्यालयों में से एक हुआ करता था. यह कश्मीरी पंडितों के लिए तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक हैं. अन्य दो अनंतनाग में मार्तंड सूर्य मंदिर और अमरनाथ मंदिर हैं.

कश्मीरी पंडित संगठन लंबे समय से शारदा पीठ गलियारे को खोलने की मांग कर रहे हैं. नेशनल असेंबली में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सदस्य रमेश कुमार ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने शारदा मंदिर को खोलने का फैसला किया है. परियोजना पर काम मौजूदा साल में शुरू हो जाएगा. इसके बाद पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू भी इस स्थल की यात्रा कर सकेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ दिनों में इस इलाके का दौरा करूंगा और प्रधानमंत्री इमरान खान को रिपोर्ट सौपूंगा.’’